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Faridabad News: स्मार्ट सिटी में रोज 50 लोगों को काट रहे कुत्ते

Wed, 27 Sep 2023 11:14 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
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विश्व रेबीज दिवस पर विशेष

- साल 2022 में 15 हजार लोग हुए शिकार

हेमलता रावत

फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में लावारिस कुत्तों की संख्या में भी इजाफा हो गया है। जिसकी वजह से जिले में हर रोज करीब 50 लोग कुत्ते के काटने का शिकार हो रहे हैं। बीके अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार साल 2022 में 15 हजार लोगों को कुत्तों ने काटा है। जिसमें बुजुर्ग व बच्चे भी शामिल है। वहीं नगर निगम के द्वारा अभी तक मात्र 100 पालतू कुत्तों का पंजीकरण किया है।



स्मार्ट सिटी में लावारिस कुत्तों के आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। कुत्तों के डर से बुजुर्ग व बच्चों ने घरों से बाहर निकला बंद कर दिया है। सितंबर के महीने में आईपी कॉलोनी के करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोग लावारिस कुत्तों के शिकार हुए जिसमें चार बच्चे भी शामिल है। इसके अलावा ग्रेटर फरीदाबाद स्थित आगमन सोसाइटी निवासी रवि पांडे ने बताया कि जून 2023 में खेलते समय सात वर्षीय श्रेयांस पर लावारिस कुत्तों ने हमला कर दिया। जिससे बच्चे के नाक और मुंह पर चोट आई। वहीं राजीव कॉलोनी में लावारिस कुत्तों ने 10 जून को लावारिस कुत्तों ने 3 साल की खुशी घर के बाहर खेल रही थी। तभी गली में मौजूद लावारिस कुत्तों ने अचानक से बच्ची के ऊपर हमला कर दिया। बच्ची को कुत्ते खींचने लगे। हालांकि समय से घर वाले आ गए। बीके अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद खुशी को दिल्ली स्थित सफदरजंग रेफर कर दिया। 10 अक्टूबर 2022 गांव मुजेड़ी निवासी बुलबुल ने बताया कि उनका 10 साल का बेटा लवकुश दूसरी कक्षा का छात्र है। उनका बेटा स्कूल से आने के बाद पड़ोसी के पिटबुल कुत्ते के साथ खेल रहा था। कुछ समय तक तो कुत्ते का मालिक भी बच्चे व कुत्ते के पास बैठा हुआ था। लेकिन, मालिक के जाने के बाद कुत्ते ने अचानक से उनके बेटे लव कुश पर हमला कर दिया। पिटबुल कुत्ते ने उनके बेटे के दोनों पैर व हाथों पर काटा है। जिसकी वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके बाद उसको उपचार के लिए बल्लभगढ़ स्थित सरकारी अस्पताल में लेकर आए।
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एंटी रेबीज वैक्सीन है जरूरी

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास ने बताया कि कुत्ता के काटने का असर नस पर पड़ता है। रेबीज का असर दिखने में एक से तीन महीने का वक्त लग सकता है। वहीं, वरिष्ठ सर्जन डॉ. प्रबल रॉय ने बताया कि रेबीज एक वायरल बीमारी है, जो कुत्ते, बिल्ली, बंदर समेत कई जानवरों के काटने से फैलती है। अगर इनमें से कोई भी जानवर आपको काट ले तो तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने चाहिए। इलाज में थोड़ी भी लापरवाही बरतने से व्यक्ति की मौत हो सकती है। जब कुत्ते-बिल्ली समेत अन्य जानवर इंसानों को काटते हैं तो रेबीज वायरस उनके भी शरीर में पहुंच जाता है। कुत्ते की लार में लासा वायरस पाया जाता है, जिससे रेबीज की बीमारी फैलती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में 24 घंटों के अंदर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने चाहिए। कई लोग सोचते हैं कि पातलू कुत्तों के काटने से खतरा कम होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। इन सभी जानवरों के काटने से यह जानलेवा बीमारी हो सकती है। इसलिए पालतू कुत्तों को भी इंजेक्शन लगवाने चाहिए।
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15 हजार लोग हुए शिकार

स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार साल 2022 के जनवरी महीने में 2093, फरवरी में 2427, मार्च में 413, अप्रैल में 1099, मई में 1445, जून में 1372, जुलाई में 560, अक्टूबर में 1358, नवंबर में 2033 और दिसंबर में 2208 लोगों को कुत्तों ने काटा है। इसमें बुजुर्ग व बच्चे भी शामिल है। साल 2022 के अगस्त व सितंबर के महीने में एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं होने की वजह से बीके अस्पताल में कोई भी उपचार के लिए नहीं आया, लेकिन निजी अस्पताल में उपचार के लिए मरीज गए है। वहीं साल 2023 के जनवरी महीने में 2220 लोग कुत्तों का शिकार हुए है।
संवाद-
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