संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव फतेहपुर बिल्लौच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने डिश मैकेनिक कृष्ण के घर बुधवार की सुबह चार बजे छापा मारा। इस दौरान दिल्ली पुलिस व फरीदाबाद पुलिस भी मौजूद थी। टीम ने करीब 4 घंटे की पूछताछ की। पूछताछ करने के बाद गांव डीग में रहने वाले अन्य मैकेनिक के घर पर पूछताछ की। एनआईटी खालिस्तान लिंक को लेकर मामले की जांच कर रही है।
गांव फतेहपुर बिल्लौच निवासी कृष्ण की गांव में ही डिश एंटीना लगाने की दुकान है। कृष्ण अपने परिवार के साथ गांव में ही रहता है। बताया जा रहा हैं कि कृष्ण पहले गांव डींग निवासी योगेंद्र की डिश की दुकान पर कार्य करता था। उसके बाद उसने खुद की दुकान गांव में शुरू कर ली। साल 2022 में कृष्ण के खाते में कनाडा से उसके खाते में करीब 45 हजार रुपये आए थे। जिसको उसके दोस्त गांव डींग निवासी योगेंद्र ने उसके खाते में डलवाए थे। उसी पैसों को लेकर बुधवार की सुबह 4 बजे एनआईए की टीम ने कृष्ण के घर पर छापेमारी की। इस दौरान उनको पूरा परिवार सोया हुआ था। टीम के पहुंचने के बाद 4 घंटे तक कृष्ण के परिवार से पूछताछ की गई। उसके बाद कृष्ण ने टीम को बताया गांव डींग निवासी योगेंद्र द्वारा 45 हजार रुपये डलवाए थे। पैसे कहां से डलवाए इसके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। जिसके बाद टीम गांव डींग निवासी योगेंद्र के घर पर गई जहां पर योगेंद्र नहीं मिला जिस पर टीम ने उसके परिवार वालों को नोटिस देकर पेश होने के लिए कहा। सूत्रों के अनुसार एनआईए की टीम कृष्ण और उसके पिता राधेलाल को साथ ले गई है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि एनआईए की टीम जांच के लिए आई थी।
पूर्व सरपंच के भाई ने डलवाए थे कनाडा से पैसे
बल्लभगढ़। गांव फतेहपुर बिल्लौच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने मैकेनिक कृष्ण के घर बुधवार की सुबह 4 बजे छापा मारा। उसके बाद दोस्त गांव डींग निवासी योगेंद्र के घर पर जांच की। योगेंद्र डींग गांव के पूर्व सरपंच जयवीर उर्फ पप्पू का छोटा भाई है। जिसको उपायुक्त के आदेश पर 24 अगस्त को आपराधिक धाराओं में संलिप्त होने पर पद से बर्खास्त कर दिया गया। आरोपी पर पंचायती जमीन पर कब्जा करने का आरोप है।
गांव डींग निवासी अजय सिंह ने बताया कि 20 अगस्त 2020 को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने मित्र सुरेंद्र के साथ गांव के धर्म कांटे के पास पैदल टहल रहे थे। तभी एक गाड़ी सफेद स्विफ्ट कार व जिसके साथ लगभग चार पांच मोटरसाइकिल आकर उनके पास रुकी। जिसमें आरोपी गांव डींग नवनिर्मित नवनिर्वाचित सरपंच जयवीर, जोगिन्दर, कर्म चन्द, सुमेर, सतपाल, नरेन्द्र, कालु, सोनु व अन्य 10 से 12 व्यक्तियों उतरते ही गाली गलोच करते हुए उनके ऊपर पिस्तौल व देशी कट्टे से फायर शुरु कर दिया जो कि गोली उनके पैरों व छाती को छू कर निकल गई थी। इसके अलावा सरपंच जयवीर ने पंचायती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ था। पंचायत अधिकारी अजीज सिंह ने बताया कि जिला उपायुक्त विक्रम सिंह की ओर से आदेश प्राप्त हुए। जयवीर ने कहना है कि कनाडा में उनके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं रहता है। योगेंद्र यह पैसे क्यों और किससे मंगवाए है इसके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है।
खालिस्तान समर्थकों द्वारा पैसे भेजने का शक
सूत्रों की मानें तो एनआईए को शक है कि योगेन्द्र ने कृष्ण के खाते में जो पैसे मंगवाए हैं, वह खालिस्तानी संगठन की ओर से भेजा गया होगा। चूंकि योगेन्द्र का भाई कुछ समय पहले तक गांव का सरपंच था। आशंका है कि किसी प्रकार की जानकारी लेने या फिर खालिस्तानी गतिविधियों फरीदाबाद व आसपास में बढ़ावा देने के लिए पैसे भेजे गए होंगे। हालांकि इस बाबत एनआईए व स्थानीय पुलिस की टीम कुछ बता नहीं रही।