बैडमिंटन टूर्नामेंट के एकल और युगल वर्ग में हासिल की उपलब्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अनुशासन और जुनून की बदौलत 80 साल के धर्मपाल ने नेशनल बैडमिंटन प्रतियोगिता में एकल और डबल्स दोनों में भाग लेकर दो पदक जीत कर अपना सपना पूरा किया। गोवा में आयोजित प्रतियोगिता में धर्मपाल खटाना ने 80 से अधिक आयु वर्ग में हिस्सा लिया था, जिसमें एकल में कांस्य और युगल वर्ग में रजत पदक जीता। धर्मपाल एक अन्य साथी सतीश के साथ जोड़ी बना कर उतरे थे।
धर्मपाल खटाना उम्र के इस पायदान पर भी पूरी तरह से फिट हैं और उनकी फिटनेस से युवा भी मात खा जाएंगे। जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के महासचिव संजय सापरा ने बताया कि पूरे टूर्नामेंट में धर्मपाल का प्रदर्शन पूरी तरह से शानदार रहा। नेशनल प्रतियोगिता में उनका सामना लीग मुकाबले में करीब 10 खिलाड़ियों से हुआ, लेकिन किसी भी मुकाबले में उनके चेहरे पर थकान नहीं दिखाई दी। वहीं, बैडमिंटन में अन्य खेलों की तुलना में शारीरिक गतिविधि अधिक होती है। उसमें पैर और हाथ दोनों अभी भी फुर्ती के साथ चलते रहते हैं।
धर्मपाल खाने पीने में भी काफी सावधानी बरतते हैं। वह तली हुई चीजों से दूर रहते हैं। इसलिए भी फिट हैं। टेलीकम्युनिकेशन विभाग से उपनिदेशक के पद से सेवानिवृत धर्मपाल नौकरी के दिनों में भी बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे। पदक विजेता खिलाड़ी की बेटी पारूल खटाना ने बताया कि उनके पिताजी प्रतिदिन एक घंटा सुबह बैडमिंटन खेलते हैं। बेटी के अनुसार पिताजी का सपना नेशनल खेलने का था, जो पूरा हो गया है।