28 फरवरी से शुरू होगी ईंट पकाई, प्रशासन पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। वायु प्रदूषण के चलते कई महिनों से बंद ईंट भट्ठे शुरू हो चुके है, लेकिन निर्धारित नियमों के अनुसार अब तक भट्ठों का प्रशासनिक सत्यापन नहीं होने से सवाल खड़े हो गए हैं। 28 फरवरी से ईंट पकाने का कार्य शुरू होना है और भट्ठा संचालकों ने इसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। ऐसे में क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से शीघ्र जांच कराने की मांग उठाई है।
बताया जा रहा है कि जिले में सबसे अधिक ईंट भट्ठे पुन्हाना क्षेत्र में संचालित हैं। अकेले पुन्हाना में 50 से अधिक भट्ठे चल रहे हैं। आरोप है कि इनमें से कई भट्ठे निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर रहे। कुछ भट्ठे प्रदूषण नियंत्रण विभाग और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति लिए बिना ही संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा खनन विभाग द्वारा भी अब तक यह सत्यापन नहीं किया गया है कि भट्ठों के लिए कितनी मात्रा में मिट्टी का खनन किया गया है। स्थानीय निवासी जाहिद, याहयाह, मुजीबुर्रहमान, अभय, वसीम आदि का कहना है कि कई ईंट भट्ठे गांव की आबादी के बिल्कुल समीप स्थापित हैं, जिससे प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। भट्ठों से निकलने वाला धुआं और राख आसपास की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
हालांकि समय-समय पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम द्वारा छापेमारी कर कुछ भट्टों को बंद कराया जाता है, लेकिन कुछ दिनों बाद वे फिर से संचालित होने लगते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विभागों को इसकी जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ईट भट्ठे शुरू होने से पहले सभी ईंट भट्टों का भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि अवैध रूप से संचालित भट्टों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके और पर्यावरण व राजस्व दोनों की सुरक्षा हो सके। वहीं इस संबंध में जब नूंह की डीएफएससी सीमा शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया की उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। वो बाहर है, कार्यालय से पता कर ही इसके बारे में बता पाएंगी।
फोटो- नूंह के पुन्हाना क्षेत्र में संचालित एक ईंट भट्ठा।