फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: बीके अस्पताल के डेंगू वार्ड में लगा ताला, मरीज निजी अस्पतालों में करा रहे इलाज

विज्ञापन
विज्ञापन
तीन माह में मलेरिया के 1.40 लाख और डेंगू के 5,500 संभावित मरीजों की हो चुकी है जांच
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बरसात के साथ ही शहर में लगातार मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में डेंगू-मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। वहीं, बीके अस्पताल में महिला और पुरुषों के लिए बने छह-छह बेड के डेंगू वार्ड में ताला लगा हुआ है। इस कारण मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती होने के लिए मजबूर है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जिले में अभी तक 10 डेंगू और 8 मलेरिया के मरीज सामने आए हैं। हालांकि, मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 40 टीमें घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। मच्छरों का लार्वा मिलने पर पिछले तीन महीने में करीब 880 लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं।

बीके अस्पताल में बने छह बेड के डेंगू वार्ड में पिछले 15 दिन से ताला लगा हुआ है। इस कारण एक तरफ मरीज निजी अस्पतालों में अपना इलाज कराने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ बंद होने के कारण में वार्ड के अंदर काफी गंदगी फैल गई है। जो कई बीमारियों को खुला निमंत्रण है। वार्ड के बेड पर चादर नहीं है और सभी बेड पर धूल जमी हुई है। खिड़की से देखने पर बंद वार्ड में अस्पताल की ओर से बरती जा रही लापरवाही नजर आती है। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार पिछले तीन महीने में डेंगू के लक्षणों वाले करीब 5,500 मरीजों की जांच की जा चुकी है। वहीं, मलेरिया के लक्षणों वाले करीब 1.40 लाख मरीजों की जांच की जा चुकी है। इस दौरान शहर में डेंगू के 10 और मलेरिया के आठ मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन



डेंगू-मलेरिया के लक्षण
बीके अस्पताल के सामान्य रोग चिकित्सक डॉ. मोहित ने बताया कि बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू के आम लक्षणों में तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, सिर दर्द, छाती, पीठ या पेट पर लाल चकत्ते होना, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी, दस्त की समस्या हो जाती है। यह एडीज मच्छर के काटने से होता है। वहीं, बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, बदन दर्द, उल्टी आना और कंपकंपी मलेरिया रोग के लक्षण हैं। इसके जांच और उपचार की सुविधा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है।
विज्ञापन


डेंगू-मलेरिया को लेकर स्थिति नियंत्रण में है। बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। ज्यादातर मरीज अपना इलाज निजी अस्पतालों में करा रहे हैं। जिस कारण से बीके अस्पताल का डेंगू वार्ड खाली है। अस्पताल के डेंगू वार्ड में छह-छह बेड लगाए गए हैं। मरीजों को इलाज में कोई दिक्कत नहीं होगी। -डॉ. राम भगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें