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Faridabad News: मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग

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-पुलिस पर दूसरे पक्ष से मिलकर मेडिकल रिपोर्ट बदलने का लगाया आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के नगीना थाना क्षेत्र में दर्ज झगड़े के एक मामले की मेडिकल रिपोर्ट को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। गांव घागस निवासी जावेद पुत्र मोहम्मद यूसुफ ने जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सीएम विंडो, स्वास्थ्य मंत्री, ग्रीवेंस कमेटी तथा सीएमओ को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग की है।
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शिकायत में जावेद ने आरोप लगाया है कि थाना नगीना में दर्ज केस में झगड़े में घायल खलील और मोहम्मद यूसुफ की एमएलआर रिपोर्ट डॉ. विकास कुमार द्वारा तैयार की गई थी। इसमें दोनों के शरीर पर तीन-तीन चोटें दर्ज की गई थीं। इनमें एक शार्प चोट भी शामिल थी, जबकि छाती के एक्स-रे में फ्रैक्चर भी पाया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष से मिलकर रिपोर्ट बदलवा दी। बाद की मेडिकल रिपोर्टों में इन गंभीर चोटों को सामान्य दर्शा दिया गया, जो वास्तविक स्थिति के विपरीत है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, घायल खलील को बाद में शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ और पीजीआई रोहतक ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां सीटी स्कैन में सिर, माथे और चेहरे की हड्डियों में कई मल्टीपल फ्रैक्चर पाए गए। इसके बावजूद मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 307 नहीं जोड़ी गई। वहीं सिविल सर्जन नूंह डॉ. संदीप मेहता ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि रि-मेडिकल या रि-ओपिनियन के लिए मेडिकल बोर्ड तभी गठित किया जाता है, जब जांच अधिकारी या अदालत की ओर से आदेश प्राप्त होता है।
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