जिला नगारिक अस्पताल की लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर के सोहना रोड स्थित जिला नागरिक अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां अस्पताल प्रशासन की अनदेखी के कारण एक गर्भवती महिला की सड़क पर ही डिलीवरी हो गई और नवजात की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। इसके साथ ही दोषी डॉक्टर तथा अस्पताल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, सल्लागढ़ निवासी कृष्ण ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11 बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी रेखा को जिला नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में लेकर पहुंचे थे। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर नीरज ने जांच के बाद परिजनों को बताया कि बच्चे की धड़कन सुनाई नहीं दे रही है और संभव है कि बच्चा जीवित न हो। डॉक्टर ने कहा कि स्थिति स्पष्ट करने के लिए अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी है।
कृष्ण के अनुसार, उन्होंने डॉक्टर से कहा कि रेखा को तेज प्रसव पीड़ा हो रही है और किसी भी समय डिलीवरी हो सकती है। इसलिए अल्ट्रासाउंड बाद में कराया जा सकता है, लेकिन डॉक्टर नहीं माने। मजबूरन परिजन गर्भवती महिला को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अस्पताल से बाहर लेकर निकले।
जैसे ही वे अस्पताल के मुख्य द्वार तक पहुंचे, रेखा को अचानक तेज दर्द हुआ और वह सड़क किनारे ही बैठ गईं। कुछ ही मिनटों में वहीं पर बच्चे की डिलीवरी हो गई। आनन-फानन में परिजन नवजात को एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद परिजन बुरी तरह टूट गए और अस्पताल में जमकर हंगामा करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर डॉक्टरों ने समय रहते इलाज शुरू किया होता, तो बच्चे की जान बच सकती थी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। नवजात के शव को जिला नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया।
इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुरेश बुरोलिया ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। जांच टीम गठित की जाएगी। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।