फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: छुट्टी के बाद जिला अस्पताल में उमड़ी भीड़

विज्ञापन
विज्ञापन
सामान्य दिनों से 30 प्रतिशत अधिक मरीज पहुंचे अस्पताल, व्यवस्थाएं चरमराईं
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। बैसाखी और डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के चलते 14 अप्रैल को बंद रहे जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को मरीजों की असामान्य भीड़ उमड़ पड़ी। एक ही दिन में ओपीडी संख्या 3000 से 3200 के बीच पहुंच गई, जो इस महीने का सबसे अधिक आंकड़ा रहा। सामान्य दिनों की तुलना में करीब 30 प्रतिशत अधिक मरीज आने से अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार आम दिनों में ओपीडी 2200 से 2500 के बीच रहती है, लेकिन छुट्टी के कारण लंबित मरीजों के एक साथ पहुंचने से पंजीकरण, जांच और दवा वितरण तक हर स्तर पर दबाव बना रहा।



सुबह से ही पंजीकरण काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं। मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए आधे घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद डॉक्टरों को दिखाने, जांच कराने और दवा लेने के लिए भी अलग-अलग काउंटरों पर भारी भीड़ रही। अल्ट्रासाउंड, ब्लड सैंपल और रिपोर्ट काउंटरों पर भी लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। रक्त जांच की रिपोर्ट मिलने में देरी से मरीजों का अस्पताल में ठहराव बढ़ गया। एक ही दिन में जांच और रिपोर्ट प्रक्रिया पूरी करने में अधिक समय लगने से व्यवस्था प्रभावित रही।
विज्ञापन




भीड़ का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ा। सीमित बैठने की व्यवस्था और बार-बार काउंटर बदलने की मजबूरी ने उनकी परेशानी बढ़ा दी। कई बुजुर्ग मरीजों को लंबे समय तक खड़े रहना पड़ा। अचानक बढ़े मरीजों के दबाव से अस्पताल स्टाफ पर भी कार्यभार बढ़ गया। पंजीकरण, लैब और दवा वितरण काउंटरों पर लगातार काम के बावजूद सीमित संसाधनों के कारण संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा।
ईएनटी मरीजों की बढ़ी परेशानी, लंबा इंतजार





जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को कान, नाक और गले (ईएनटी) से संबंधित मरीजों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण रही। मौसम में बदलाव के चलते संक्रमण, गले में खराश और एलर्जी के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे ओपीडी पर दबाव बढ़ गया। दो ईएनटी विशेषज्ञों के ऑपरेशन थिएटर में व्यस्त रहने के कारण ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। इसके चलते मरीजों की लंबी कतारें लगाई गईं और एक से दो घंटे तक प्रतीक्षा कराई गई। लंबे इंतजार के कारण जांच और परामर्श की प्रक्रिया में देरी देखी गई। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को भी अपनी बारी के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी। अस्पताल सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों की सीमित उपलब्धता और अचानक बढ़े मरीजों के दबाव के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम में इस प्रकार के संक्रमण बढ़ते हैं, ऐसे में अतिरिक्त व्यवस्थाओं की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन


मैं अपनी मां को हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास दिखाने आया था लेकिन भीड़ देखकर तो लग रहा कि आज मेरा तो नंबर ही नहीं आएगा।-अमित

मैंने समय पर रक्त जांच के लिए सैंपल दिया, लेकिन रिपोर्ट लेने में कई घंटे लग गए। दो बजे जांच रिपोर्ट मिली। -राजू

पहले पर्ची के लाइन में लगना पड़ा फिर डॉक्टर को दिखाने में लंबा इंतजार करना पड़ा, पूरा दिन अस्पताल में ही बीत गया।-पूनम

हर तरफ मरीजों की भीड़ है, जिसकी वजह से मुझ जैसे बुजुर्ग मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।-लखन महतो



छुट्टी के कारण एक दिन का अतिरिक्त लोड सामने आया है। हालांकि स्थिति नियंत्रण में है। कहीं-कहीं मरीज कतार में न लगकर नियमों का पालन नहीं करते हैं। हर कोई चाहता है कि लाइन में ही न लगना पड़े। आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।-डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें