लक्कड़पुर फाटक रोड स्थित ऊषा मिल की खाली जमीन पर उगी झाड़ियों में रविवार शाम एक युवक का लहूलुहान शव पड़ा मिला। सिर और गर्दन पर चोटों के निशान से युवक की हत्या कर शव फेंके जाने की अंदाज लगाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
सेक्टर 37 में रहने वाले नंद नंदन गर्ग उर्फ गोल्डी की डंपर बॉडी बनाने की वर्कशॉप लक्कड़पुर फाटक रोड पर है। रविवार शाम वह वर्कशॉप की छत पर कबाड़ डालने के लिए चढ़े थे। उन्होंने बगल में स्थित ऊषा मिल की खाली जमीन की झाड़ियों में किसी युवक का शव पड़ा देखा तो पुलिस और आस पास के लोगों को जानकारी दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मृतक के चेहरे और गर्दन पर चोट के निशान थे और चेहरा काला पड़ चुका था। पुलिस ने आसपास की बस्तियों में सूचना देकर मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी।
मरने वाले की उम्र करीब पैंतीस साल होगी, शरीर पर सफेद धारीदार शर्ट और मटमैली पैंट थी। पास ही लाल रंग के जूते भी वहीं पड़े थे। शव की खस्ता हालत देख कर अंदाज लगाया जा रहा है कि हत्या कम से कम दो दिन पहले की गई होगी।
एसएचओ सराय ख्वाजा इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि गोल्डी गर्ग की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और शव छिपाने का केस दर्ज किया गया है। पोस्टमॉर्टम के लिए शव को रोहतक रेफर किया गया है।
परिचित हो सकते हैं हत्यारे
घटनास्थल देखकर लगता है कि युवक की हत्या घटनास्थल पर ही की गई थी। इसका मतलब यह हुआ कि युवक हत्यारों के साथ वहां तक खुद आया था। यानी हत्यारे युवक की जान पहचान के थे। मृतक के जूते उतरे हुए थे, इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्यारों के बीच उसका कुछ संघर्ष भी हुआ होगा।
हत्या के लिए ऊषा मिल का सुनसान हिस्सा चुनने का मतलब है कि हत्यारों को इलाके की अच्छी तरह जानकारी थी। युवक की हत्या किसने और क्यों की यह खुलासा उसकी शिनाख्त होने के बाद ही संभव है। एसएचओ इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि हर पहलू पर जांच की जा रही है, शिनाख्त होने से हत्यारों तक पहुंचना आसान होगा।