पत्रकार पूजा तिवारी मौत के मामले में गिरफ्तार इंस्पेक्टर अमित की मुश्किलें और बढ़ गई है। पूजा के पिता रवि तिवारी ने अमित पर पूजा को डराने और गुमराह करने का आरोप लगाया है। रवि ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान पुलिस जांच पर कई सवाल खड़े किए। वह डॉक्टर दंपति के खिलाफ अभी तक पुलिस की जांच शुरू नहीं होने से भी नाराज दिखे।
उनका मानना है कि केस के बारे में पूजा की दोस्त अमरीन भी बहुत कुछ बता सकती है, लेकिन पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। रवि तिवारी ने कहा कि पूजा एनआईटी पांच के जिस घर में रहती थी, वहां खुश थी और अच्छे पड़ोसियों की वजह से खुद को सुरक्षित समझती थी। उनका आरोप है कि डॉक्टर दंपति की ओर से केस दर्ज कराए जाने के बाद अमित ने पूजा पर मकान बदलने का दबाव डालना शुरू कर दिया था।
इसके पीछे अमित तर्क देता था कि पूजा को इस मकान में रहने से खतरा है। अमित को पूजा का हितैषी मानकर उन्होंने घर बदलने की हामी भर दी थी। अमित की नीयत पर सवाल उठाते हुए रवि तिवारी ने कहा कि उसने पूजा को किसी पीजी में शिफ्ट कराने की बात कही थी, लेकिन जानबूझ कर पांच मंजिल ऊपर स्थित अपने जानकार के फ्लैट में रखा, जो कि पीजी नहीं था। साजिश के तहत ही अमित ने फ्लैट वाली बात उनसे छिपाई। पूजा की मौत के बाद ही उन्हें फ्लैट के बारे में पता चला।
डर दिखाकर बंद कराए थे पूजा के फोन
डर दिखाकर बंद कराए थे पूजा के फोन
रवि तिवारी का आरोप है कि फ्लैट में शिफ्ट कराने के बाद अमित ने पूजा को डर दिखाकर उसके मोबाइल बंद करवा दिए थे। उन्होंने बताया कि फोन बंद होने की वजह से बेटी से उनकी बात नहीं हो पाती थी। बेटी से बात करने के लिए वह अमित को फोन करते तो वह पूजा से चंद मिनट ही बात करवाता था। उसमें भी वह डरी और सहमी हुई सी रहती थी। उनका मानना है कि अमित को डर था कि कहीं पूजा उसकी हकीकत न बता दे, इसलिए बात कराने से पहले वह पूजा को डराता होगा। यही वजह है कि पूजा कभी उसके फोन पर खुलकर बात नहीं करती थी।
सच्चाई समझ आने पर बदले बयान
रवि तिवारी ने पूजा और अमित के एक साथ रहने की जानकारी से इनकार करते हुए बताया कि बेटी ने इस बारे में उन्हेें कभी नहीं बताया। इसलिए उन्होंने अमित पर शक नहीं किया। पूजा के दोस्तों से अमित के व्यवहार के बारे में पता चला वह बेटी के साथ मारपीट करता था, उसे शारीरिक मानसिक पीड़ा पहुंचाता था। पहले उन्होंने बेटी की मौत का जिम्मेदार डॉक्टर दंपति को बताया था, लेकिन सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस में अमित के खिलाफ भी बयान दिए।
सुइसाइड नोट पर उठाए सवाल
रवि तिवारी ने अमित के पास से बरामद सुइसाइड नोट पर भी सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि साजिश के तहत पूजा से यह सुइसाइड नोट पहले ही लिखवाया गया। यही वजह है कि उसमें डेट नहीं डाली गई है। वह कहते हैं कि अमित ने पुलिस को उलझाने के लिए सुइसाइड नोट उसी दिन न देकर तीन दिन बाद दिया। उनका आरोप है कि अमित सुइसाइड नोट लेकर उनके पास आया था कि वह मीडिया में इसे जारी करें, इससे उनको करोड़ों का फायदा होगा। उन्होंने इनकार किया तो अमित ने डीसीपी को यह नोट सौंपा था, लेकिन इससे पहले उसने इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। उनकी मांग है कि इसकी भी जांच होनी चाहिए।