ऑडियो क्लिप की सत्यता की जांच अभी तक नहीं की पुलिस ने
- फोटो : अमर उजाला
पत्रकार पूजा की मौत पर इंस्पेक्टर अमित को संदेह के घेरे में लाने वाले ऑडियो क्लिप की सत्यता और उसमें आवाज अमित की ही है, इसकी जांच अभी तक पुलिस ने नहीं करवाई है। हालांकि पुलिस ने अमित की आवाज का सैंपल लेने की अनुमति कोर्ट से हासिल की थी।
लेकिन रिमांड के दौरान ऐसा किया नहीं गया। अब आवाज के नमूने लेने के लिए अमित को दोबारा एक दिन की रिमांड पर लिया जा सकता है। मालूम हो कि पत्रकार पूजा तिवारी और इंस्पेक्टर अमित पिछले पांच साल से दोस्त थे। दोनों कुछ दिन से सेक्टर-46 के सद्भावना अपार्टमेंट के 509 नंबर फ्लैट में रह रहे थे।
1 मई की रात पूजा तिवारी अपार्टमेंट के पार्क मेें लखनऊ निवासी भरत नाम के दोस्त से फोन पर बात कर रही थी। इस बीच अमित ने फोन छीनकर भरत से पूजा के दोस्त बंकी के बारे में पूछताछ शुरू कर दी थी। अमित भरत से यह पूछना चाह रहा था कि पूजा बंकी से मिलने उसके कमरे पर गई थी या नहीं, इस बात पर दोनों में झगड़ा हो गया था।
2 मई की रात करीब एक बजे पूजा की संदिग्ध हालात में फ्लैट की बालकनी से गिरकर मौत हो गई थी। इस मामले में पिता रवि तिवारी ने डॉक्टर दंपति के खिलाफ केस दर्ज कराया था, लेकिन भरत ने पूजा और उसके बीच हुई फोन कॉल की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर लिया था।
ऑडियो क्लिप में अमित ही बोल रहा है इसकी सत्यता जांचने के लिए पुलिस ने उसकी आवाज का सैंपल लेने की अनुमति कोर्ट से ली थी। बावजूद इसके रिमांड के दौरान उसकी आवाज के सैंपल नहीं लिए गए। यह ऑडियो क्लिप पूजा की मौत के मामले में अहम सबूत कड़ी है। डीसीपी एनआईटी पूर्णचंद पंवार ने बताया कि अमित की आवाज के सैंपल लिए जाएंगे।