नोट : इटावा के लिए भी (मृतक इटावा का रहने वाला था)
पानी सप्लायर की प्रताड़ना से तंग कर्मचारी ने फांसी लगाई
- भाई का आरोप, नहीं दे रहे थे काम के पैसे, मांगने पर करते थे मारपीट
- पुलिस ने पानी सप्लायर के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नहरपार मास्टर रोड पर वजीरपुर के पास पानी सप्लायर के ट्यूबवेल पर काम करने वाले एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के भाई का आरोप है कि ट्यूबवेल संचालक पिछले काफी समय से उसे पैसे नहीं दे रहे थे और मांगने पर मारते पीटते थे। इससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। थाना खेड़ीपुल पुलिस ने आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मास्टर रोड पर वजीरपुर के पास सूरज नागर और विकास उर्फ विक्की का पानी सप्लाई का काम है। उन्होंने वजीरपुर के पास ट्यूबवेल बना रखा है। इनके पास गांव नंगला जोर, इटावा, उत्तर प्रदेश निवासी अशोक दीक्षित काम करता था। शुक्रवार शाम को पुलिस को सूचना मिली कि अशोक ने ट्यूबवेल पर फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बीके सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया और मृतक के परिजनों को इसकी सूचना दी। इटावा से आए अशोक के बड़े भाई रामकिशोर दीक्षित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सूरज नागर और विक्की उनके भाई को काम के पैसे नहीं दे रहे थे और मांगने पर मारपीट करते थे।
27 सितंबर को भी अशोक ने अपने भतीजे पुनित को फोन पर बताया था कि उसके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं और मालिक पैसे मांगने पर मारते हैं। मालिकों की प्रताड़नाओं से तंग आकर अशोक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इतना ही नहीं उन्होंने अशोक की जेब में पैसे रख दिए ताकि पैसे देने का आरोप न लग सके। पुलिस ने राम किशोर दीक्षित की शिकायत पर सूरज व विक्की के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया है। शनिवार को अशोक के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है।