बाल रोग विशेषज्ञ बोले- गलत डोज बच्चों में बढ़ा सकती है गंभीर दुष्प्रभावों का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। केंद्र सरकार द्वारा खांसी की सिरप सहित विभिन्न सिरप दवाओं की बिक्री को डॉक्टर के पर्चे से जोड़ने के फैसले का जिले के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का इस्तेमाल कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, खासकर बच्चों में।
सरकार ने मंगलवार को एक सूचना जारी किया, जिसमें कहा गया कि खांसी के इलाज में इस्तेमाल होने वाले सिरप समेत सभी सिरप खरीदने से पहले अब दवा का पच जरूरी होगा। दरअसल हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए कुछ दवाओं की बिक्री के नियम सख्त किए हैं।
इस संबंध में मैरिंगो एशिया अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेश महाजन ने कहा कि सरकार ने उन दवाओं पर नियंत्रण बढ़ाया है जिनके दुष्प्रभाव अधिक होने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि खांसी की दवाएं अलग-अलग प्रकार, डोज और सांद्रता में उपलब्ध होती हैं। ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह के इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
वहीं एकॉर्ड अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ने कहा कि कई लोग सामान्य खांसी या सर्दी होने पर सीधे मेडिकल स्टोर से सिरप खरीदकर बच्चों को दे देते हैं, जबकि बीमारी का कारण और मरीज की उम्र के अनुसार दवा की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। गलत डोज लेने से बच्चों में अत्यधिक नींद आना, नशे जैसी स्थिति बनना, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि ओवर-द-काउंटर दवाओं के अनियंत्रित उपयोग को रोकने के लिए यह निर्णय जन-स्वास्थ्य के हित में है। इससे लोगों में डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवा लेने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और दवाओं के दुष्प्रभावों से बचाव हो सकेगा।