सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय और कस्तूरबा सेवा सदन पर भी की गई सीलिंग की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। वित्तीय वर्ष समाप्ति से पहले नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। बड़े बकायेदारों के खिलाफ चल रहे विशेष सीलिंग अभियान के तहत पिछले एक सप्ताह में 113 संपत्तियों को सील किया गया है। निगम प्रशासन का दावा है कि इन संपत्तियों पर लगभग 38 लाख रुपये का बकाया था जबकि कुल मिलाकर 25 करोड़ रुपये से अधिक के बकायेदारों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अभियान के तहत सबसे बड़ी कार्रवाई एनआईटी-4 स्थित केंद्र सरकार के सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय पर की गई जिस पर 12 करोड़ रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया बताया गया है। निगम की टीम ने नियमानुसार नोटिस अवधि पूरी होने के बाद कार्यालय को सील कर दिया। इसके अलावा एनआईटी-5 स्थित कस्तूरबा सेवा सदन के दफ्तर को भी सील किया गया जिस पर करीब 1 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक का बकाया लंबित था।
यह कार्रवाई क्षेत्रीय एवं कर अधिकारी सुमन रतरा की अगुवाई में विभिन्न जोन की टीमों ने संयुक्त रूप से की। अधिकारियों के अनुसार जिन संपत्तियों को सील किया गया है उन्हें पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए थे लेकिन निर्धारित समयावधि में बकाया राशि जमा नहीं कराई गई।
31 मार्च से पहले तेज होगी कार्रवाई
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि है और उससे पहले अधिकतम राजस्व संग्रह सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत है जिससे सड़कों, नालों, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किया जाता है। ऐसे में बकाया राशि का समय पर जमा होना जरूरी है।
अधिकारियों का कहना है कि लगातार चेतावनी के बावजूद टैक्स जमा नहीं करने वालों की सूची तैयार की जा रही है और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। निगम प्रशासन ने सभी बकायादारों से अपील की है कि वे सीलिंग की कार्रवाई से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना बकाया जमा कराएं।