तावडू में अतिक्रमण मुक्त अभियान पर उठ रहे सवाल, लोगों ने कहा गरीबों पर बुलडोजर, रसूखदारों को छूट
संवाद न्यूज एजेंसी।
तावडू। जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए शुरू किया गया अतिक्रमण मुक्त अभियान प्रशासन की दोहरी नीति की भेंट चढ़ गया। गुरुवार को नगर पालिका और भवन एवं लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने जाट चौक से जीसी मॉडल स्कूल तक यह अभियान चलाया, लेकिन स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। अभियान के दौरान गरीब और जरूरतमंद लोगों द्वारा नालों पर किए गए अतिक्रमण पर तो बुलडोजर चला, लेकिन रसूखदार लोगों के अतिक्रमण को नजरअंदाज कर दिया गया। बावला रोड पर जब प्रशासन की टीम एक व्यापारी के प्रतिष्ठान के बाहर अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो व्यापारी ने मंडी यूनियन के प्रधान संजय गोयल को सूचित किया। गोयल के हस्तक्षेप के बाद एक फोन कॉल पर अभियान को रोक दिया गया और बुलडोजर व ट्रैक्टर वापस लौट गए।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए। उनका कहना है कि सिर्फ कमजोर और जरूरतमंद लोगों पर ही प्रशासन का ''पीला पंजा'' चलता है, जबकि प्रभावशाली लोगों को छूट क्यों दी जाती है। अभियान में नगर पालिका सचिव सुमित कुमार, भवन एवं लोक निर्माण विभाग के एसडीओ तपेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता मोहम्मद राशिद और भारी पुलिस बल मौजूद था। एसडीएम जितेंद्र गर्ग के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान के बावला रोड पर अचानक रुकने के कारणों की जांच के लिए विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।