संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में पहली बार कोरोसिव इंजेशन (संक्षारक पदार्थ के सेवन) के कारण गंभीर इसोफेगल सिकुड़न से पीड़ित 30 वर्षीय महिला का सफल इसोफेगल बाईपास किया गया। सर्जरी के लगभग 12 महीने बाद अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य रूप से भोजन करने के साथ अपनी दैनिक गतिविधियां स्वतंत्र रूप से कर रही है।
अस्पताल के डीन डॉ. कालीदास चव्हाण दत्तात्रेय, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संदीप कुमार तथा डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुमित चक्रवर्ती के निरंतर मार्गदर्शन में इस चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम दिया गया। इस जटिल ऑपरेशन को लीड गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन डॉ. राहुल गौतम के नेतृत्व में जीआई सर्जरी टीम ने सफलतापर्वूक पूरा किया।