औद्योगिक नगर की पुलिस भी अपराध से निपटने और मदद पहुंचाने के लिए स्मार्ट संसाधनों का इस्तेमाल करेगी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल आज फरीदाबाद पुलिस का फर्स्ट इमिडिएट रेस्पांस (एफआईआर) ऐप लांच करेंगे।
इंटरनेट युक्त स्मार्टफोन पर काम करने वाले इस ऐप के जरिए पुलिस कम समय में घटनास्थल पर पहुंच सकेगी। एफआईआर एप में हेल्प बटन है।
इसको छूते ही मोबाइल से मदद का मैसेज पुलिस कंट्रोल रूम को जाएगा। ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) युक्त इस ऐप के हेल्प मैसेज में पीड़ित की लोकेशन भी पुलिस कंट्रोल रूम को मिल जाएगी।
यह जानकारी कंप्यूटर एडेड डिस्पैच सिस्टम में जाएगी। डिस्पैच सिस्टम स्थिति के आधार पर पीड़ित के सबसे करीब वाली पीसीआर या राइडर को कंट्रोल रूम से जानकारी देकर वहां पहुंचने को कहा जाएगा।
अभी तक पीड़ित को 100 नंबर पर डायल कर अपना, नाम, घटना, स्थिति आदि की जानकारी देनी पड़ती है, जिसमें काफी समय खराब होता है। ऐप लांच होने से मात्र एक बटन दबाते ही सारी जानकारी पुलिस को मिल जाएगी, जिससे काफी समय की बचत होगी और मदद भी जल्द पहुंचेगी।
इसके अलावा आम लोगों की कई जानकारियां पुलिस तक पहुंचाने में यह एप मददगार होगा। लांच होने के बाद यह एप प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा। कभी -कभी कुछ मामलों में पुलिस के समय पर न पहुंचने की शिकायतें मिलती हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
ऐप में मौजूद हेल्प बटन को छूने से पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना मिल जाएगी। पुलिसकर्मी नई तकनीक से परिचित नहीं हैं लेकिन जल्द ही उन्हें इसकी आदत हो जाएगी। ऐप का प्रचार लोगों के बीच किया जाएगा।-डॉ. हनीफ कुरैशी, पुलिस कमिश्नर