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Faridabad News: अरावली से यमुना तक 18 किमी लंबे नाले की सफाई का काम शुरू

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बुढ़िया नाले की सफाई पर ड्रोन की नजर, वीडियोग्राफी से भी होगी निगरानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मानसून के दौरान शहर को जलभराव से बचाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने बुढ़िया नाले और गौंछी ड्रेन की सफाई का काम शुरू कर दिया है। इस बार सफाई कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
अरावली पहाड़ी से यमुना नदी तक जाने वाले बुढ़िया नाले की सफाई से पहले इसका विस्तृत ड्रोन सर्वे कराया गया है। सफाई का काम पूरा होने के बाद दोबारा ड्रोन सर्वे होगा, जिससे यह साफ हो सके कि सफाई कितनी गहराई और व्यापक स्तर पर हुई है। सफाई कार्य की निगरानी के लिए प्रतिदिन वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सफाई से पहले और बाद की स्थिति का मिलान करना है। इस पूरे प्रोजेक्ट की सीधी निगरानी जिला उपायुक्त (डीसी) कर रहे हैं, जिन्हें रोजाना काम की प्रगति रिपोर्ट भेजी जा रही है। बता दें कि यह नाला शहर में वर्षा जल निकासी का सबसे बड़ा माध्यम है। यदि इसकी सफाई सही से नहीं हुई, तो कई सेक्टरों और कॉलोनियों में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं।
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अरावली से शुरू होकर यमुना में गिरने वाला यह नाला करीब 18 किलोमीटर लंबा है। मानसून में यमुना का स्तर बढ़ने पर अक्सर पानी इस नाले में बैक मारता है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों और खेतों में जलभराव हो जाता है। इसी खतरे को देखते हुए इस बार नाले के किनारों (पटरी) को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि पानी के दबाव से वे टूट न सकें। बुढ़िया नाले के साथ-साथ प्राधिकरण गौंछी ड्रेन की भी सफाई करा रहा है। मुजेसर फाटक से गुरुग्राम नहर तक के करीब 7 किलोमीटर हिस्से की सफाई का जिम्मा एफएमडीए के पास है। यहां भी उच्च अधिकारियों को सफाई की लाइव लोकेशन और फोटो भेजी जा रही हैं। प्राधिकरण के मुख्य अभियंता विशाल बंसल ने बताया कि मानसून से पहले सफाई का लक्ष्य हासिल करने के लिए इस बार काम जल्दी शुरू किया गया है। दोनों बड़े नालों की सफाई समय रहते पूरी कर ली जाएगी ताकि जनता को बरसात में कोई परेशानी न हो।
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