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Faridabad News: मानसून की पहली बारिश से डूबा शहर, जाम में फंसे शहरवासी

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-दिल्ली-मथुरा हाईवे पर लगा लंबा जाम, अंडरपास और पुलों पर भरे पानी ने ठप किया शहर
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-एनआईटी कट बंद कर बाटा चौक कट से घुमाया ट्रैफिक, घंटों देरी से दफ्तर पहुंचे कर्मचारी
-जिले में 41.3 एमएम बारिश दर्ज की गई

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मानसून की पहली बारिश ने शहरवासियों को भीषण गर्मी से निजात तो दिलाई लेकिन तेज बारिश ने नगर निगम के जलभराव से निपटने के सभी दावों की पोल खोल दी। सुबह करीब पांच बजे शुरू हुई तेज बारिश से करीब 3 घंटे में शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। जिले में 41.3 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते दिल्ली-मथुरा हाईवे, मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस-वे सहित पूरे शहर भर में वाहनों का लंबा जाम लगा रहा। शहर के सभी अंडरपास, पुलों के किनारे पानी भर जाने से जो जहां था, वहीं पर रुक गया। कई स्थानों पर शाम तक पानी की निकासी नहीं हो पाई। जाम का आलम यह था कि घरों से काम से निकले कर्मचारी, व्यापारी अपने कार्यालयों और दुकानों में घंटों देरी से पहुंचे।
पानी में बह गए नगर निगम के दावे

शुक्रवार सुबह पौने पांच बजे तेज बारिश में नगर निगम के मानसून से पहले सीवरेज सिस्टम और नालों की सफाई के अधिकारियों के दावे बह गए। शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। लोगों के घरों में पानी घुस गया। बिजली व्यवस्था चौपट हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से सटे सभी पुल और अंडरपास की सड़कों पर दो से ढाई फुट तक पानी भर गया। कुछ स्थानों पर हालात यहां तक हो गए कि पानी देर शाम तक नहीं उतरा। नालों की सफाई ना होने से पानी की निकासी नहीं हुई। सड़कों पर भरे पानी से आमजन के साथ वाहन चालकों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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लोगों के घरों और दुकानों के अंदर घुसा पानी
मानसून की पहली बारिश लोगों के लिए आफत बनकर आई। सेक्टर- 16, 17, 19, 31, 28, 30, 37, 88, 75, डबुआ कॉलोनी, सेहतपुर, बल्लभगढ़ सहित दो दर्जन से अधिक सेक्टर, सोसाइटियां और कॉलोनियां सभी पानी में डूब गए। घरों और दुकानों में लबालब पानी भर गया। लोग बारिश के बाद घरों और दुकानों से पानी निकालते नजर आए। बारिश के कारण लोग अपने दफ्तर और कार्यालय में दो घंटे देरी से पहुंचे। जाम में फंसे लोग नगर निगम अधिकारियों को कोसते नजर आए।

अंडरपास में भरा पानी
शुक्रवार की सुबह तीन घंटे हुई झमाझम बारिश से अंडरपास में पानी भर गया। एनएचपीसी अंडरपास में एक कार डूब गई। इसके बाद अंडरपास को ट्रैफिक पुलिस ने बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया। जबकि ओल्ड अंडरपास और मेवला महाराजपुर अंडरपास पर पुलिस ने कोई बैरिकेडिंग नहीं लगाई। इसके चलते मेवला महाराजपुर अंडरपास से निकलने वाली कई गाड़ियों के नंबर प्लेट पानी में गिर गए। इस दौरान लोग अपनी नंबर प्लेट ढूंढते नजर आए। इसके अलावा मेवला अंडरपास में गनीमत रही कि इस दौरान जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
एनआईटी तिकोना पार्क के पास गड्ढों में फंसे वाहन
एनआईटी तिकोना पार्क की सड़क को नए सिरे से बनाने के लिए नगर निगम और एफएमडीए ने बारिश से पहले खुदाई करके छोड़ दिया। इस कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पानी भरने से वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में वाहन गड्ढों में फंसकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। तिकोना पार्क स्थित सड़क पर एक ट्रक शुक्रवार की सुबह गड्ढे में कई घंटे तक फंसा रहा।
सोसाइटी परिसर और पार्किंग में भरा पानी
सेक्टर- 88 स्थित आरपीएस सवाना, पाम, सेक्टर- 82 स्थित फ्लोरिडा सोसाइटी, सेक्टर- 87 एसआरएस रॉयल हिल्स सोसाइटी, सेक्टर- 91 इडनबर्ग सिटी, सूरजकुंड रोड स्थित इरोज गार्डन, चार्मबुड विलेज में वर्षा जल संचय की व्यवस्था न होने के चलते यहां सोसाइटी परिसर और बेसमेंट में बने पार्किंग में जलभराव होने से लोग घरों में कैद हो गए।
बीके अस्पताल में भरा पानी
बीके अस्पताल में जगह-जगह जलभराव देखने को मिला। जलभराव के कारण अस्पताल में डॉक्टर और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में तीन घंटे की मशक्कत के बाद पानी को बाहर निकाला गया। मरीज बिना दवा लिए ही घर वापस लौट गए।
हाईवे और चौक-चौराहों पर लगा रहा वाहनों का लंबा जाम
बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और कई चौक चौराहों पर कई किलोमीटर तक लगा जाम लगा रहा। अंडरपास बंद होने के चलते वाहनों का सारा दबाव नेशनल हाईवे पर आ गया। हाईव पर पानी भरने के चलते वाहन रेंगते नजर आए। कई वाहन बीच रास्ते में बंद पड़ गए। लोग धक्का मारकर बाहर निकालने के साथ नगर निगम और जिला प्रशासन को कोसते नजर आए। गुस्साए लोगों ने कहा कि मानसून में हर साल शहर डूब जाता है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। बावजूद इसके अधिकारी इन सब समस्या से कोई सबक नहीं लेते हैं। केवल दावे करते हैं।
ट्रेन और बस के संचालन पर पड़ा असर
बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण पलवल से फरीदाबाद और गाजियाबाद को जाने वाली ईएमयू ट्रेनों पर असर पड़ा। कई जगह ट्रेनें अपने तय समय से तीन घंटे देरी से पहुंचीं। वहीं, बल्लभगढ़ बस स्टैंड में पानी भरने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सोशल मीडिया और कार्यालयों में शिकायतों की झड़ी लगी रही।
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शहर के पहले प्रमुख मार्गों पर भरे पानी को टैंकर के माध्यम से निकलवाया जा रहा है। सभी जोन के कार्यकारी अभियंता अपने इलाके में काम करवा रहे हैं। शाम तक पानी निकलवा दिया जाएगा। काम जारी है। नाले और सीवर ब्लॉक होने के कारण जलभराव की परेशानी हुई।
- ओमबीर, अधीक्षण अभियंता नगर निगम।
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