शहरी विकास प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में हुई 15वीं अंतर एजेंसी समन्वय बैठक
सड़क, सिंचाई, कचरा प्रबंधन जैसे मामलों के लिए तय की गई रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के गड्ढों को भरने के लिए अब जेट पैचर मशीन की अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के जरिए कम समय में ही शहर की सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाएगा और आमजनों को बेहतर सड़कें मिलेंगी। इसके लिए शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने शहर में होने वाली विभिन्न विकास योजनाओं की लगातार निगरानी करने और गुणवत्ता पूर्ण काम कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
विकास कार्यों की समीक्षा के लिए प्रधान सलाहकार की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में 15वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक हुई। बैठक में डिविजनल कमिश्नर संजय जून, सीईओ एफएमडीए पीसी मीणा, डीसी आयुष सिन्हा, एचएसवीपी प्रशासक धीरज समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसमें फरीदाबाद और गुरुग्राम में चल रही विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएस ढेसी ने अधिकारियों को विकास परियोजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा करने और शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने आमजन की समस्याओं के लिए पोर्टल और समाधान शिविर बनाए हैं, इनका उद्देश्य औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि मौके पर समाधान करना है। जो अधिकारी गलत या भ्रामक अनुपालना रिपोर्ट देंगे और यह बात सामने आती है तो उनके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं सिर्फ फाइल तक ही सीमित न रहें। विकास योजनाओं पर हो रहे काम का जमीनी स्तर पर परिणाम दिखना चाहिए। जिससे आमजनों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
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देश के बड़े शहरों में हो रहा इस तकनीक का इस्तेमाल
मरम्मत और गड्ढों को भरने के कार्यों की समीक्षा करते हुए ढेसी ने कहा कि मरम्मत केवल फोटो अपलोड करने तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क की स्थिति में वास्तविक सुधार दिखना चाहिए। निर्धारित तकनीकी मानकों, सामग्री के प्रयोग और कॉम्पैक्शन का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। जेट पैचर मशीन आधारित प्रणाली को भी अपनाने के लिए निर्देश दिए गए। जिससे कम समय में बेहतर मरम्मत हो सके और आमजनों को राहत दी जा सके। अभी इस तकनीक से भोपाल, इंदौर जैसे विभिन्न बड़े शहरों में सड़कों की मरम्मत का काम किया जा रहा है। शिकायतों के निस्तारण के लिए 24, 48 और 72 घंटे के समय के अंदर निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
शुद्ध किए गए जल से किया जाएगा सिंचाई का काम
सिंचाई के लिए पानी की समस्या को दूर करने के मुद्दे पर चर्चा करते हुए बादशाहपुर, मिर्जापुर और प्रतापपुर एसटीपी के शोधित जल को सिंचाई में इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। शोधित जल को नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन कनेक्टिविटी और वित्तीय प्रबंधन पर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिससे इस योजना को बेहतर तरीके से धरातल पर उतारा जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दो से तीन सप्ताह के भीतर इस स्थिति को स्पष्ट किया जाए। इसके साथ ही शहर में होने वाले पौधारोपण अभियान की भी समीक्षा की गई। प्रधान सलाहकार ने कहा कि पौधे सिर्फ संख्या पूरी करने के लिए न लगाए जाएं। उनकी देखभाल और जीवित रहने की निगरानी भी जरूरी है। उपलब्ध स्थानों का बेहतर उपयोग कर लक्ष्य समय पर पूरे किए जाएं।
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बैठक में लिए गए यह अहम फैसले
जल संरक्षण और वाटर बॉडी परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिससे पानी की समस्या को दूर किया जा सके।
फरीदाबाद में एमआईटीसी के पुराने चैनलों की भूमि का आकलन कर ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और शहरी सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव तैयार होगा।
ठोस कचरा प्रबंधन और अवैध डंपिंग पर निगरानी बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है। ऐसे मामले सामने आने पर नगर निगम और पुलिस आपसी समन्वय स्थापित करके कार्रवाई करेंगे।