फरीदाबाद। जीएसटी की चोरी करने वाले अब बच नहीं सकेंगे। बदलते समय के साथ ही अब सीजीएसटी आयुक्तालय की टीम भी तकनीकी रूप से अपग्रेड हो गई है। इसके लिए टीम को आधुनिक तकनीक से लैस उपकरण दिए गए हैं, जिनसे विभाग की गाड़ी में लगाए गए जीपीएस ट्रैकर को भी क्रैक किया जा सकेगा। देश में पहली बार इस तरह के उपकरण सीजीएसटी फरीदाबाद एंटी-इवेजन टीम को दिए गए हैं।
दरअसल जीएसटी चोरी करने से बचने के लिए आजकल लोग सीजीएसटी टीम की गाड़ियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगा देते हैं। इस तरह के कई मामले पहले सामने आ चुके हैं। इससे विभाग की कई रेड पूर्णत: सफल नहीं हो सकी। इसे देखते हुए अब सीजीएसटी फरीदाबाद की आयुक्त सोफिया मार्टिन जॉय ने एंटी इवेजन टीम को आधुनिक उपकरण से लैस ‘दी फर्स्ट रिस्पांस’ किट दी है।
जीएसटी चोर गाड़ियों में कर देते हैं ट्रैकर फिट
सीजीएसटी आयुक्तालय के अपर आयुक्त राजेश कुमार ने बताया कि टैक्स चोरी करने वाले बचने के लिए जीएसटी टीम की गाड़ियों में ट्रैकर डिवाइस तक फिट करवा देते हैं। हाल ही में राजस्थान और हरियाणा जीएसटी टीम की गाड़ियों में ऐसे डिवाइस लगे मिले, जिससे कर चोर बच निकले थे।
गाड़ी में जीपीएस ट्रैकर मिलते ही बजने लगेगा अलॉर्म
सीजीएसटी फरीदाबाद को डीबगिंग सहित कई ऐसे डिवाइस दिए गए हैं, जिनके जीपीएस या ट्रैकर लगाकर यदि जीएसटी टीम को कोई ट्रैक करेगा तो गाड़ी में अलार्म बजने लगेगा और उसका आसानी से पता चल जाएगा।
बैग में मोबाइल, लैपटॉप रखते ही डाटा होगा फ्रीज
आधुनिक उपकरणों में एक बैग भी दिया गया है। इस बैग में फोन या लैपटॉप रख दिया जाए तो उसका संपर्क बाहर की दुनिया से कट जाता है। इसका इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि कई ऐसे मामले देखे गए हैं जिसमें टैक्स चोरी करने वाले लोग टीम द्वारा फोन और लैपटॉप जब्त करने पर ऑनलाइन दूसरे राज्यों में बैठकर मोबाइल और लैपटॉप का जरूरी डाटा डिलीट कर देते हैं।
बंद कंपनी में हो रही हेराफेरी को फोन पर देख सकेंगे अधिकारी
अगर कोई कंपनी बाहर से बंद कर आपराधिक काम कर रही होगी तो भी टीम बाहर से किट में दिए गए डिवाइस को फोन से जोड़कर पता कर लेगी और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगी। राजेश कुमार ने कहा कि आधुनिक उपकरणों से लैस सीजीएसटी टीम से अब कोई कर चोर बच नहीं सकेगा।