बोरवेल में गिरने से बच्ची की मौत का मामला
मृतक नेहा के परिवार से गांव सिही में मिलने पहुंचे नीरज शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव सिही में बच्ची नेहा की बोरवेल में गिरने से हुई मौत के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को पूर्व विधायक नीरज शर्मा गांव सिही पहुंचे और मृतक बच्ची के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार और लापरवाह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यही मृतका को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
नीरज शर्मा ने बताया कि नेहा के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। परिवार में नेहा के अलावा तीन बेटियां और हैं। पिता बेलदारी का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार के पास कोई सरकारी कार्ड नहीं बना हुआ है, जिसके कारण उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। वहीं, मां घरों में काम करके परिवार के गुजर-बसर में सहयोग करती हैं।
हादसे के बाद घर नहीं पहुंचा प्रशासन : नीरज शर्मा
नीरज शर्मा ने आरोप लगाया कि बच्ची को बोरवेल से निकालने के बाद प्रशासन की ओर से परिवार का हाल जानने के लिए कोई अधिकारी उनके घर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विधायक विपुल गोयल प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और हादसा उनके विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। इसके बावजूद वह अब तक परिवार से मिलने नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है, लेकिन इससे नेहा वापस नहीं आएगी।
बोले- वोट मांगने घर-घर जाते हैं, दुख में भी पहुंचना चाहिए
नीरज शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय घर-घर और गली-गली जाकर लोगों से वोट मांगते हैं। ऐसे दुखद हादसे के बाद पीड़ित परिवार के बीच पहुंचकर उन्हें सहारा देना भी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए जमीनी स्तर पर भी गंभीर कदम उठाए जाने चाहिए।
खुले सीवर के ढक्कनों को लेकर भी जताई चिंता
वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि गोल्डी बरेजा ने कहा कि घटना उनके वार्ड में हुई है। उनके अनुसार, नगर निगम के साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आती है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद बोरवेल को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया है। बारिश या समय बीतने के बाद मिट्टी धंसने से बोरवेल दोबारा खुल सकता है। इसके अलावा क्षेत्र में जगह-जगह सीवर के ढक्कन खुले पड़े हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि खुले बोरवेल और सीवर के ढक्कनों को तत्काल सुरक्षित कराया जाए। साथ ही नेहा के परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि परिवार अपनी तीन अन्य बेटियों की पढ़ाई और पालन-पोषण ठीक से कर सके।