- खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम को अनाज वितरण में मिलीं अनियमितताएं
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरफला गांव के राशन डिपो धारक पर गबन के आरोप में केस दर्ज किया गया है। कार्डधारकों के राशन न बांटने का आरोप पर विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में अनियमितताएं मिलने पर खाद्य आपूर्ति विभाग की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-58 थाना की टीम मामले में जांच कर रही है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के उप निरीक्षक अंकित कुमार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है। उनका कहना है कि बुधवार 9 अक्तूबर को विभाग ने हरफला गांव के राशन वितरण की जांच के लिए टीम बनाई। टीम ने डिपोधारक मयंक के साथ राशन डिपो की जांच की। डिपोधारक के साथ कैली गांव की राशन सप्लाई अटैच थी। टीम ने कैली गांव की राशन डिपो के स्टॉक को चेक किया। डिपोधारक मयंक ने टीम को बताया कि हरफला गांव की एफपीएस डिवाइस के साथ जाजरू गांव भी अटैच है लेकिन राशन की एक ही मशीन है।
टीम ने पाया कि डिपोधारक के ऑनलाइन रिकॉर्ड अनुसार दोनों मशीनों का कुल मिलाकर 24205 किलो गेहूं, 1640 लीटर तेल व 490 किलो चीनी होनी चाहिए। लेकिन भौतिक जांच में 25704 किलो गेहूं, 1310 लीटर तेल व 480 किलो चीनी ही मिली। मिलान पर पाया की 1499 किलो गेहूं अधिक है। 330 लीटर सरसों तेल कम और 10 किलो चीनी कम मौके पर पाई गई।
मौके पर गांव हरफला के 25 बीपीएल राशन कार्ड धारकों के टीम ने बयान लिए। इन लोगों ने बताया की डिपोधारक ने सितंबर 2025 के ऑनलाइन डिवाइस में अंगूठा लगवाकर गेहूं नहीं दिया। इस प्रकार जांच करने पर पाया की डिपोधारक मयंक ने बीपीएल कार्डधारकों को गेहूं न देकर उस गेहूं को काला बाजारी कर उसे अलग डिपो में रखा हुआ था। डिपो धारक मयंक ने 330 लीटर सरसों तेल व 10 किलो चीनी व 1499 किलो गेहूं कार्डधारकों में न बांटकर गबन किया। मामले में अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।