कम नंबर आने पर निराश छात्रों को प्राचार्यों ने आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बोर्ड परीक्षा केवल एक पड़ाव है, न कि अंतिम मंजिल। जीवन में सफलता पाने के कई रास्ते होते हैं और मेहनत, लगन व सही दिशा में प्रयास से कोई भी छात्र अपने लक्ष्य हासिल कर सकता है। जिन छात्रों के अंक कम आए हैं, वे हिम्मत न हारें और अपनी कमजोरियों को पहचान कर आगे की तैयारी करें। सीबीएसई की 10वीं कक्षा के परिणाम जारी होने पर निराश छात्रों के लिए यह बातें जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों ने कहीं। बता दें कि कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित हुआ। परीक्षा में कई छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अच्छे अंक हासिल किए, वहीं कुछ छात्र अपेक्षा से कम अंक आने के कारण निराश भी नजर आए। हालांकि शिक्षकों और अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा के अंक ही जीवन की सफलता या असफलता तय नहीं करते हैं। उन्होंने छात्रों को आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।
बातचीत-
बोर्ड परीक्षा का परिणाम छात्रों की मेहनत का एक हिस्सा दिखाता है, लेकिन यह पूरी जिंदगी का फैसला नहीं होता है। छात्रों को अपने लक्ष्य पर ध्यान रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। - अनुराधा, प्राचार्या, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एनआईटी-तीन
कम अंक आने पर छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है। असफलता हमें आगे बेहतर करने की सीख देती है और यही अनुभव भविष्य में काम आता है।-अजय शर्मा, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नंगला गुजरान
कम या ज्यादा अंक आना परीक्षा का एक हिस्सा है। छात्रों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। कौशल और व्यवहार भी जीवन में सफलता के लिए जरूरी होते हैं।- रूप चंद, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेवला महाराजपुर
हर छात्र की क्षमता अलग होती है। जरूरी है कि वह अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार आगे का रास्ता चुनें और उसी दिशा में मेहनत करें।- हंसराज, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तिगांव
पैरेंटस को ऐसे समझाएं
तैयारी के साथ बात करें : आप जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाएं। उन्हें बताएं कि उसमें कॅरिअर की क्या संभावनाएं हैं और आप उसे क्यों पसंद करते हैं। उन्हें समझाएं कि जब पैशन को अपनी नौकरी के रूप में चुनेंगे तब ज्यादा आगे बढ़ सकेंगे। जब आप लॉजिक के साथ बात करेंगे तो वे आपकी बात को गंभीरता से लेंगे।
अपनी लगन का प्रमाण दें : अगर आपकी रुचि पेंटिंग, स्पोर्ट्स या कोडिंग में है तब उसमें कुछ अच्छा करके दिखाएं। जब वे आपकी मेहनत और खुशी देखेंगे तब भरोसा बढ़ेगा। उस क्षेत्र के सफल लोगों को उदाहरण दें।
उनकी चिंताओं को सुनें और जवाब दें : माता-पिता अक्सर भविष्य की सुरक्षा को लेकर डरे होते हैं। उनकी बात ध्यान से सुनें और उन्हें यकीन दिलाएं कि आपकी चुनी हुई फील्ड में भी एक सफल भविष्य बनाया जा सकता है। अगर आपका जूनुन घूमना है तब सोशल मीडिया के दौर में ट्रैवल ब्लागर जैसे फील्ड के बारे में बताएं।