निरीक्षण के दौरान अधिकतर बच्चे अंधेरे कमरे में सोते हुए मिले थे। उन बच्चों में से एक बच्चे विराज को काफी तेज बुखार होने पर एंबुलेंस के जरिए बीके अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। इसके अलावा अन्य 15 बच्चों की खून की जांच की गई। रिपोर्ट दो से तीन दिन में आने की संभावना है।
पल्ला स्थित प्ले स्कूल में सोते हुए पाए गए 35 बच्चों में से 15 बच्चों के खून की जांच की गई। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में बच्चों को नशीला पदार्थ देने की संभावना जताई है। नशीला पदार्थ की पुष्टि के लिए बच्चों के लिए खून के सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। स्कूल में 11 अप्रैल को एक बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद निरीक्षण किया गया।
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अधिकतर बच्चे अंधेरे कमरे में सोते हुए मिले
निरीक्षण के दौरान अधिकतर बच्चे अंधेरे कमरे में सोते हुए मिले थे। उन बच्चों में से एक बच्चे विराज को काफी तेज बुखार होने पर एंबुलेंस के जरिए बीके अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। इसके अलावा अन्य 15 बच्चों की खून की जांच की गई। रिपोर्ट दो से तीन दिन में आने की संभावना है। कार्यकारी पीएमओ डॉ. विकास गोयल ने बताया कि बच्चे की हालत में काफी सुधार है। शनिवार को बच्चे को डिस्चार्ज किया जा सकता है। इसके अलावा बच्चों के खून के सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए है। सीडब्ल्यूसी सदस्य सुनील यादव ने बताया कि प्रशासन की तरफ से स्कूल को सील कर दिया गया है।
18 बच्चे रात में स्कूल में ही रहते थे
सीडब्ल्यूसी सदस्य सुनील यादव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मौके पर उनको करीब 103 बच्चे मिले। 18 बच्चे रात के समय प्ले स्कूल में ही रहते थे। उन्होंने बताया कि अब सभी बच्चों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है कि पहले भी कभी बच्चों के साथ कोई मारपीट या अन्य कोई घटना घटित हुई है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम शिखा अंतिम और जिला बाल संरक्षण अधिकारी गरिमा तोमर भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए और प्रशासन की तरफ से स्कूल को सील कर दिया गया है।