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Faridabad News: खेतों में लगे कंटीले तारों में उलझकर बाइक सवार की मौत

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ग्रामीणों ने पशुओं से फसलों की रखवाली के लिए लगा रखे हैं तार
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भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता का भतीजा था युवक, चचेरा भाई भी घायल

संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव सागरपुर में फसलों की लावारिस पशुओं से रखवाली के लिए खेतों में लगाए गए कंटीले तारों में उलझकर बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। प्रशांत नामक युवक अपने चचेरे भाई यश के साथ मोटरसाइकिल से खेतों में स्थित डेयरी से दूध लेने जा रहा था। खेतों के रास्ते में असंतुलित होकर मोटरसाइकिल कंटीले तारों से टकरा गई। तार से प्रशांत की गर्दन जख्मी हो गई, साथ ही यश भी घायल हो गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने प्रशांत को मृत घोषित कर दिया। थाना सदर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजन को सौंप दिया। प्रशांत पलवल के दुधौला स्थित कौशल विश्वविद्यालय से डिप्लोमा कोर्स कर रहा है।

गांव सागरपुर निवासी चंद्रभान के दो बेटे हैं। परिवार खेतीबाड़ी करता है। शुक्रवार की शाम चंद्रभान का छोटा बेटा प्रशांत (21) अपने चचेरे भाई यश (18) के साथ मोटरसाइकिल से दूध लेने के लिए खेतों में जा रहा था। प्रशांत मोटरसाइकिल चला रहा था। खेतों के कच्चे रास्ते पर मोटरसाइकिल असंतुलित होकर कंटीले तारों में जा घुसी। लावारिश पशुओं से खेतों की फसल बचाने के लिए ग्रामीणों ने अपने खेतों के किनारे कंटीले तारों को लगाया गया है।
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तारों में उलझकर प्रशांत और यश की गर्दन पर गंभीर जख्म हो गए। दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां डॉक्टरों ने प्रशांत को मृत घोषित कर दिया। प्रशांत भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता बिजेंद्र नेहरा का भतीजा था, जबकि यश बिजेंद्र नेहरा का बेटा है।

खेतों में कंटीले तार लगाना नियमों के खिलाफ
लावारिश पशु अक्सर खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। फसलों को बचाने के लिए अक्सर किसान खेतों पर कंटीले तार लगा देते हैं। अक्सर कंटीले तारों की वजह से पशु घायल हो जाते हैं। इसके अलावा कई बार लोग भी घायल हो जाते हैं। हालांकि, कंटीले तार लगाना नियमों के खिलाफ है, फिर भी ग्रामीण इसे लगा लेते हैं।
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नहीं मिलेगा मुआवजा
मार्केट कमेटी के सचिव इंद्रपाल ने बताया कि किसानों तथा श्रमिकों की मौत होने या शारीरिक अंग कट जाने पर सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता राशि में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना के तहत कृषि कार्य के दौरान यदि किसी कृषक या मजदूर की मृत्यु हो जाती है तो मार्केट कमेटी द्वारा पीड़ित परिवार को अब 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है। गांव सागरपुर निवासी प्रशांत की मौत कटीले तारों की वजह से हुई है इसलिए उनको कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।
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