फरीदाबाद में हड़ताल के दौरान इंडियन बैक पर लगा ताला व बंद के नोटिस चार्ट ।
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फरीदाबाद। बैंकों के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले को हरियाणा बैंक एंपलाइज फेडरेशन ने हड़ताल की। इसमें शामिल बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा। इस दौरान अधिकारियों ने बीके चौक से नीलम चौक तक रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। बैंक बचाओ-देश बचाओ के नारे लगाए। लेने देन ठप होने लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़। हालांकि निजी क्षेत्र की बैंक पूरी तरह खुले रहे। बैंकों की हड़ताल से एक दिन में लगभग 550 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रहेगी।
जिला अग्रणी बैंक से मिली जानकारी के अनुसार जिले में बैंकों की चार करेंसी चेस्ट है। इसके अंतर्गत 314 बैंक शाखाएं आती हैं। इनमें करीब 250 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाएं हैं। वहीं, लगभग 650 एटीएम हैं। हालांकि, हड़ताल को देखते हुए जिला अग्रणी बैंक की ओर से बुधवार शाम को ही सभी एटीएम में कैश डलवा दिया गया, जिससे लोगों को नकदी निकासी में परेशानी न हो लेकिन बृहस्पतिवार शाम कई एटीएम में नकदी नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा। नीलम चौक स्थित एसबीआई का एटीएम, एस्कॉर्ट फोर्टिस अस्पताल स्थित एक्सिस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम दोपहर तक खाली हो गए। लोगों को नकदी निकाले के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता।
सरकारी बैंकिंग संशोधन बिल का जताया विरोध
हरियाणा बैंक एंपलाइज फेडरेशन, इंडियन बैंक ऑफिसर एसोसिएशन और पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के पदाधिकारी और कर्मचारी बृहस्पतिवार को नेहरू ग्राउंड स्थित पंजाब नेशनल बैंक पर इकट्ठे हुए। इस दौरान फेडरेशन के सचिव कृपा राम शर्मा ने कहा कि जब-जब सरकार ने निजी करण की नीति अपनाई है उसे मुंह की खानी पड़ी है। भाजपा सरकार से पहले भी कई सरकारें यह प्रयास कर चुकी हैं, लेकिन विफल रही। इस बार भी हमें सरकार की बैंकों के निजीकरण की नीति का मिलकर संगठित होकर पुरजोर विरोध करना है। एंपलाइज फेडरेशन की ओर से बृहस्पतिवार को बीके चौक से नीलम चौक तक विरोध मार्च निकाला गया। अधिकारियों ने निजीकरण की प्रथा को वापस लेने की मांग की। एसोसिएशन के प्रधान ईश्वर सिंह ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करने से बैंकों के डूबने का खतरा काफी बढ़ जाएगा।