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Faridabad News: स्वास्थ्य के लिए खतरा है बंधवाड़ी का कचरा, जांच में चलेगा पता

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- निगम का दावा- नहीं है नुकसानदायक, जांच के लिए दिल्ली के श्रीराम लैब भेजे गए पांच सैंपल
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बंधवाड़ी में पिछले 15 वर्षों में पड़े कूड़े का निस्तारण करने के तरीके के खिलाफ सेव अरावली संस्था ने आरोप लगाया है कि वर्षों से एकत्रित कूड़े को क्रश कर फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात की खाली जमीनों या अरावली क्षेत्र में डाला जा रहा है। इसकी जांच के लिए निगम की ओर से अलग-अलग जगह डाले गए कचरे के 5 सैंपल दिल्ली की एक लैब में भेजे हैं। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई का पता चल सकेगा।
फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच में स्थित डंपिंग ग्राउंड बंधवाड़ी में पिछले 15 वर्षों से डाले जा रहे कूड़े के कारण पहाड़ खड़ा हो गया था। पिछले कई वर्षों से जमा इस कूड़े के निस्तारण के लिए शहरवासी लगातार मांग करते आ रहे थे। सेव अरावली संस्था के जीतेंद्र भड़ाना का कहना है कि इस मामले में 15 फरवरी के बाद नगर निगम की ओर से कूड़े का निस्तारण शुरू कर दिया गया। आरोप है कि कूड़े को छोटे-छोटे टुकड़ों में पीसकर (क्रश) करके फरीदाबाद और गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र में कई गड्ढों में भरा गया है। इसके अलावा दोनों जिलों में कई स्थानों पर खाली पड़ी भूमि पर भी इसको डंप किया जा रहा है। जितेंद्र भड़ाना का कहना है कि मेवात समेत कई स्थानों पर कचरे निस्तारण कर डाला जा रहा है। आरोप है कि इसके लिए 80 हजार रुपये प्रति एकड़ भी दिया जा रहा है। इसमें वर्षों से पड़े प्लास्टिक, कपड़े, मेडिकल कचरे और अन्य सभी का कचरा है। संस्था के जीतेंद्र, कैलाश, यश, विजय, डॉ. राजू, डॉ. घोष, मनिंदर समेत अन्य ने कार्रवाई की मांग की है।
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31 जुलाई को भेजे सैंपल
सेव अरावली संस्था के लोग आरोप लगा रहे हैं कि जिस भूमि पर यह कचरा डाला जा रहा है वह भूमि खराब हो जाएगी। साथ ही कचरे का जहरीलापन ग्राउंड वाटर को भी जहरीला कर देगा। यह लोगों के लिए नुकसानदायक है। सेव अरावली संस्था के लोगों ने जिला उपायुक्त विक्रम सिंह को इस मामले में शिकायत दी है। डीसी के निर्देश पर फरीदाबाद नगर निगम ने पांच सैंपल लेकर जांच के लिए 31 जुलाई को दिल्ली की श्रीराम इंस्टीट्यूट लैब भेजे हैं।
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वर्जन
पहले भी इस तरह के आरोप लगने पर सैंपल की जांच कराई गई थी। कचरे के निस्तारण के बाद सैंपल जांच में पाया गया कि यह कचरा जहरीला नहीं है। अब दोबारा से जांच कराई गई है।
पदम भूषण, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
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