जांच में पता चला कि जमानत दिलाने वाले दिए गए पते पर रहते ही नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सराय ख्वाजा थाने में साल 2017 में दर्ज अपहरण व पॉक्सो एक्ट की एफआईआर में गिरफ्तार आरोपी विकास को दो लोगों ने जमानती बनकर जमानत दिला दी। बाद में ये दोनों लोग नरेंद्र और सुनील अदालत में पेश ही नहीं हुए। इनके पते चेक करने पर फर्जी पाए गए। साथ ही बांड में दी गई जमीन की जानकारी भी फर्जी मिली। अब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की अदालत के रीडर की शिकायत पर सेंट्रल थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने व ठगी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि टीम मामले में जांच कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में बताया गया कि सराय ख्वाजा थाना 17 दिसंबर 2017 को अपहरण, पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी नोएडा सेक्टर-23 के विकास को गिरफ्तार किया। 5 दिसंबर 2018 को आरोपी विकास को अदालत से जमानत मिल गई थी। आरोपी को जमानत दिलाने में राजीव कॉलोनी के सुनील और एसजीएम नगर इलाके के नरेंद्र बतौर जमानती पेश हुए। बल्लभगढ़ की राजीव कॉलोनी के अमित ने इन दोनों जमानती सुनील और नरेंद्र को पहचाना।
विकास बाद में अदालत में पेश नहीं हुआ और उसे भगाेड़ा घोषित किया गया। अदालत ने दोनों जमानती को नोटिस जारी किया लेकिन इनके घर के नंबर गलत होने के चलते नोटिस पहुंचाया नहीं जा सका। जमानत बांड के साथ दोनों जमानती ने अपनी जमीन की डिटेल भी दी थी। अदालत ने डीसी फरीदाबाद को दोनों जमानती की जमीन से रिकवरी के लिए निर्देश दिया। बाद में तहसीलदार ने भी रिपोर्ट दी कि इन दोनों के नाम पर रिकॉर्ड में जमीन ही नहीं है। दोनों की ओर से जमानत दिलाने के दौरान पेश किए गए आधार कार्ड व जमीन के दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसी के चलते अब रीडर ने शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराई है।