मूलरूप से यूपी के शामली निवासी सूरज मलिक ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ दिल्ली के मीठापुर स्थित शक्ति विहार में रहता है। वह दिल्ली के एक स्कूल में 12वीं का छात्र है। पल्ला-सेहतपुर मार्ग स्थित शिव कॉलोनी में उसकी मोबाइल की दुकान है, जिसे बड़ा भाई चलाता है। 15 अगस्त की रात करीब 10 बजे वह भाई की दुकान से घर जाने के लिए ऑटो में बैठा था। पल्ला चौक पर ऑटो से उतरने के बाद चालक को पांच रुपये कम किराया दिया। उस समय उसके पास रुपये कम थे और भाई से पैसा मांगना भी भूल गया था। कम किराया पाकर ऑटो चालक गाली-गलौज करने लगा। कुछ देर के बाद वह किसी तरह ऑटो चालक को समझाकर ऑटो से आगे जाकर खड़ा हो गया। आरोप है कि तभी ऑटो चालक ने कम किराए को लेकर टक्कर मार दी और तेज रफ्तार में उसे सड़क पर घसीटते हुए 300 मीटर तक ले गया। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया।
लोगों ने दी भाई को सूचना
ऑटो चालक द्वारा घसीटने से वह मौके पर ही बेहोश हो गया। चालक मौका देकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने उसके फोन से घटना की सूचना परिजनों को दी। परिजन सूचना मिलने के बाद बीके अस्पताल पहुंच गए। जहां उनको प्राथमिक उपचार के बाद होश आया।
क्यों देरी से दर्ज हुआ मामला
पल्ला थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि बीके अस्पताल से एमएलआर मिलने के बाद पुलिस की टीम पहले बीके अस्पताल पहुंची। वहां से पीड़ित की जानकारी जुटाने के लिए टीम दिल्ली के एम्स ट्रामा सेंटर पहुंची, लेकिन वहां पीड़ित नहीं मिला। इसके बाद पता चला कि पीड़ित पल्ला स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती है। वहां पहुंची टीम को पता चला कि पीड़ित का इलाज मुजफ्फरनगर में चल रहा है। इसके बाद टीम मुजफ्फरनगर अस्पताल पहुंचकर पीड़ित का बयान दर्ज किया और गुरुवार रात आरोपी ऑटो चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।