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Faridabad News: शिविरों में समाधान की जगह मिल रहा आश्वासन

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बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे है लोग, करना पड़ता है परेशानी का सामना
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। शिविर में अधिकतर मामले परिवार आईडी, राशन कार्ड, आय में त्रुटि और जमीन से जुड़े विवादों के रहे। लोगों ने आरोप लगाया कि बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है और उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है।

इन्हीं मामलों में सेक्टर-16 स्थित दौलताबाद गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि उनकी जमीन सरकारी अधिग्रहण में आ गई थी, लेकिन उन्हें कम जमीन दी गई, जबकि उनके साथ के अन्य लोगों को अधिक भूमि आवंटित की गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में समाधान शिविर में पहले भी आश्वासन दिया गया था कि जांच के लिए मामला भेजा जाएगा, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वे इस समस्या को लेकर पांच से छ बार चक्कर लगा चुके हैं। इसके अलावा परिवार आईडी में उनकी आय गलत दर्ज होने की समस्या भी बनी हुई है, जिसे ठीक कराने के लिए उन्होंने कई बार आवेदन दिया है, लेकिन सुधार नहीं हुआ।
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पहचान पत्र न बनने से परेशान

सेक्टर- तीन निवासी रहीशा ने बताया कि उनका पहचान पत्र एक साल पहले अपडेट कराने के बावजूद अभी तक नहीं बना है। वे लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन कभी कमरा नंबर 18 तो कभी 112 भेज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वह किराये के मकान में रहती है और उनके पति नहीं है। वह बार-बार समाधान शिविर के चक्कर लगा के परेशान है।



हो जाएगा कह कर टाल दिया जाता है



जवाहर कॉलोनी निवासी रामनाथ ने बताया कि राशन कार्ड से उनका नाम काट दिया गया है, जबकि उनका नाम बीपीएल सूची में है। उनका कहना है कि वह दो सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए तीन महीने से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार हो जाएगा कह कर टाल दिया जाता है।



गलत आय और पेंशन की समस्या


अजरौंदा निवासी पूजा ने बताया कि उनके पति की मृत्यु पांच साल पहले हो चुकी है। वह पेंशन से अपना और अपने बच्चों का गुजारा करती थी, लेकिन परिवार पहचान पत्र में गलत आय दर्ज होने से पेंशन और राशन दोनों प्रभावित हुए हैं। वह दो बार समाधान शिविर में आ चुकी हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।


छोटे बच्चों की भी दिखा दी गई आय



चंदावली निवासी बबीता ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में उनके पति का नाम ही दर्ज नहीं है और उनके पति के अलावा कोई कमाने वाला ही नहीं है। फिर भी परिवार पहचान पत्र में आय ज्यादा है। चौंकाने वाली बात यह है कि छोटे बच्चों की भी आय दिखा दी गई है। इसके लिए वह तीन से चार बार चक्कर लगा चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिलता है।
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राशन कार्ड से काट दिया नाम


पर्वतीय कॉलोनी निवासी शीला ने बताया कि वह पिछले 13 साल से यहां रह रही हैं। उनका नाम राशन कार्ड में दो साल पहले ही जोड़ा गया। एक साल तो उन्हें राशन मिला, लेकिन पिछले आठ महीनों से उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया गया है। उनके पति बीमार रहते हैं और परिवार में वह अकेली कमाने वाली वही हैं। चार से कांच बार वह समाधान शिविर के चक्कर लगा चुकी है, लेकिन हर बार यहीं कहा जाता है कि जल्द समाधान हो जाएगा।
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