अब एचआईवी से ग्रस्त मरीजों को मिलेगा परामर्श और उपचार
फरीदाबाद। गांव छांयसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में शुक्रवार को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी ( एआरटी ) सेंटर को शुरू किया जा रहा है। इससे एचआईवी से ग्रस्त मरीजों को परामर्श के साथ उपचार मिलेगा।
निदेशक डॉ. बी एन वशिष्ठ ने बताया कि उनके अस्पताल में खून की सभी प्रकार की जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन एचआईवी की जांच नहीं होने की वजह से मरीजों को बीके अस्पताल और बल्लभगढ़ सरकारी अस्पताल में रेफर किया जाता था, लेकिन अब उनके कॉलेज में भी इस सुविधा को शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सेंटर को बना दिया गया है। जहां पर मरीजों की जांच की सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध है। इस सेंटर में मरीजों की एचआईवी की जांच की जाएगी। इसके बाद अगर कोई मरीज एचआईवी पॉजिटिव पाया जाता है तो उसका उपचार करने से पहले परामर्श दिया जाएगा, जिससे मरीज व उसके परिवार को कोई परेशानी नहीं होगी। उसके बाद मरीज की दवा को शुरू कर दिया जाएगा। एआरटी एचआईवी को नियंत्रित करने में मदद करता है। जिससे मरीज स्वस्थ जीवन जी सकता है और दूसरों में संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है।
मरीजों को किया जाएगा जागरूक
डॉ बी एन वशिष्ठ ने बताया कि उनकी ओर से अस्पताल में आने वाले मरीजों को एचआईवी को लेकर जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एड्स रोगी नियमित रूप से दवा लेता है, तो वह लंबे समय तक सामान्य लोगों की तरह अपनी जीवन गुजार सकता है। उनका कहना है कि जागरूकता और सकारात्मक सोच ही एड्स से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के साथ गांव-गांव जाकर भी लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक किया जाएगा। संवाद