फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीसीपी आत्महत्या मामला: गिरफ्तार इंस्पेक्टर, डीसीपी को फर्जी मामलों में फंसाने की दे रहा था धमकी

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद अपने भांजे को हत्या के प्रयास के मामले से निकलवाने और अपनी महिला मित्र के प्रॉपर्टी संबंधी विवाद में उसके पक्ष में फैसला करने का दबाव बना रहा था। उसकी बात नहीं मानने पर वह डीसीपी को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी। डीसीपी के आत्महत्या करने से एक दिन पूर्व भी अब्दुल शहीद ने डीसीपी को उनके घर जाकर धमकी दी थी। पुलिस रिमांड के दौरान अब्दुल शहीद ने ही ये बात पुलिस को बताई है।
विज्ञापन

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अब्दुल शहीद ने बताया की उसकी एक महिला मित्र है। उसका अपने ससुर से प्रॉपर्टी का विवाद चल रहा है। महिला के पति ने इसकी शिकायत पुलिस को दी है। सैनिक कॉलोनी क्षेत्र डीसीपी एनआईटी विक्रम कपूर के अंतर्गत आता था। इसके अलावा अब्दुल शहीद का भांजा अरशद मुजेसर थाने में पिछले साल दर्ज हुए हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी है। ऐसे में अब्दुल उन पर महिला के पक्ष में फैसला करने और उसके भांजे को मामले से निकालने के लिए लगातार दबाव डाल रहा था। ऐसा नहीं करने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहा था।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह के अनुसार घटना से एक दिन पहले 13 अगस्त को भी आरोपी इंस्पेक्टर इन दोनों मामलों के संबंध में डीसीपी कपूर से मिलने उनके घर गया था। इस दौरान वह उनसे तेज आवाज में बात करने लगा और उन्हें धमकी दी कि उन्होंने उसके दोनों मामलों में उसके अनुरूप फैसला नहीं किया तो वह अपनी महिला मित्र के माध्यम से उनके खिलाफ झूठी शिकायतें देगा। इस दौरान शोर होने पर डीसीपी कपूर की पत्नी भी वहां पहुंच गई थीं। मगर अब्दुल शहीद चुप नहीं हुआ और विक्रम कपूर को धमकी देता रहा। उसने उन्हें यह तक कह दिया था कि वह उन्हें इस कदर बदनाम कर देगा कि उनके पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। इसके बाद से वह काफी परेशान थे और 14 अगस्त की सुबह डीसीपी विक्रम कपूर ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन

पुलिस वेबसाइट पर अभी भी अब्दुल शहीद एसएचओ
डीसीपी आत्महत्या प्रकरण में भूपानी थाना प्रभारी अब्दुल शहीद का नाम आने के बाद पुलिस ने उन्हें उसी दिन हिरासत में ले लिया था। अगले दिन 15 अगस्त शाम को पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने उन्हें निलंबित कर दिया था और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ने उन्हें अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। इस पूरे प्रकरण को चार दिन बीत गए हैं। अब्दुल शहीद पुलिस रिमांड पर है। मगर फरीदाबाद पुलिस की वेबसाइट पर वह आज भी भूपानी थाने का प्रभारी है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह का कहना है कि जल्द ही इसे बदल दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें