अभिभावकों ने नहीं दिखाई रुचि,
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आवेदन प्रक्रिया बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई। जिले से शाम तक करीब 800 आवेदन ही प्राप्त हुए। अभिभावकों को जानकारी न होना और जागरूकता के अभाव में आरटीई के तहत सीटें एक बार फिर से रिक्त रहने वाली हैं। देर रात आवेदन किए जा सकते हैं, जिससे आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
जानकारी के अनुसार आरटीई के तहत आवेदन प्रक्रिया 9 अप्रैल से जारी है। अभिभावकों में इसको लेकर शुरुआत से अरुचि देखने को मिली है। हालांकि विभाग ने अभिभावकों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा गांव-गांव और वार्ड स्तर पर जाकर अभिभावकों को आरटीई के प्रावधानों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी गई। इसके बाद भी स्थिति में बहुत सुधार देखने को नहीं मिला है।
गौरतलब है कि आरटीई के तहत जिले में इस बार 1282 स्कूलों में 8515 सीटें आरक्षित की गईं। इसमें नर्सरी की 3798, एलकेजी की 50, यूकेजी की 151 और कक्षा एक की 4516 सीटें आरक्षित की गईं थी। लेकिन इन सीटें के मुकाबले महज 10 प्रतिशत के आसपास ही आवेदन प्राप्त होने से योजना के प्रचार-प्रसार पर सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षा का अधिकारी (आरटीई) अधिनियम 2009 की धारा 12(एक) (सी) के तहत निजी विद्यालयों को आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीट आरक्षित रखना अनिवार्य है। सरकार के इस अधिनियम का उद्देश्य सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर उपलब्ध करवाना है।