-उद्घाटन के इंतजार में केंद्र की इमारत भी देने लगी जवाब
-भवन की नींव और दीवारों में आ गईं दरारें
-शिकायत पर पीडब्ल्यूडी ने की लीपापोती
-अब तक अधूरा पड़ा है बेटियों का सपना
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। प्रशासनिक सुस्ती और सरकार के उदासीन रवैये के कारण इलाके की बेटियों का एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) बनने का सपना अधूरा रह गया है। पुन्हाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बने एएनएम प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण हुए करीब चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इसका उद्घाटन नहीं हो पाया है। हर साल केंद्र के शुरू होने की उम्मीद जगती है, लेकिन अंत में लोगों के हाथ केवल मायूसी ही लगती है।
स्थिति यह है कि प्रशिक्षण केंद्र की इमारत भी अब धीरे-धीरे जवाब देने लगी है। निर्माण के कुछ ही समय बाद भवन की नींव और दीवारों में दरारें आ गई थीं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत भी की थी, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत के नाम पर केवल लीपापोती कर दी। कुछ समय बाद फिर से दीवारों और नींव में दरार दिखाई देने लगीं। इससे भवन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशिक्षण केंद्र शुरू कर दिया जाता तो न केवल भवन की उपयोगिता बनी रहती बल्कि इलाके की बेटियों को भी इसका सीधा लाभ मिलता।
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छात्राओं को उठाना पड़ रहा नुकसान :
एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के शुरू नहीं होने का सबसे ज्यादा नुकसान क्षेत्र की छात्राओं को उठाना पड़ रहा है। एएनएम का प्रशिक्षण लेने की इच्छुक बेटियों को मजबूरन दूर-दराज के शहरों में स्थित निजी प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिला लेना पड़ रहा है। वहां फीस अधिक होने के साथ-साथ आवास और अन्य खर्च भी उठाने पड़ते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए प्रशिक्षण लेना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने में गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है। यदि यह प्रशिक्षण केंद्र शुरू हो जाता तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की दर्जनों बेटियों को घर के पास ही प्रशिक्षण का अवसर मिल सकता था।
बोले ग्रामीण
इरशाद खान लहरवाड़ी, संजय सिंगला, वसीम जमालगढ़, अजहरूदीन बीसरू, लखन बिछोर, वहीद सिरौली, जमशेद जहटाना और मुजीबुर्रहान गुलालता सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि एएनएम प्रशिक्षण केंद्र बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब क्षेत्र की बेटियों को प्रशिक्षण के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी केंद्र शुरू नहीं होने से लोगों में निराशा बढ़ रही है।
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2016 में तत्कालीन सीएम मनोहरलाल ने की थी घोषणा :
बता दें कि 3 सितंबर 2016 को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने क्षेत्र के लोगों की मांग पर पुन्हाना में एएनएम प्रशिक्षण संस्थान बनाने की घोषणा की थी। ताकि यहां की बेटियां एएनएम प्रशिक्षण कर रोजगार पा सके और इलाके की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके।
तीन साल पहले पूरा हुआ निर्माण :
तीन वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग द्वारा संस्थान के भवन का निर्माण कार्य पूरा कर स्वास्थ्य विभाग का सौंप दिया गया था। तकरीबन 4 करोड़ 43 की इमारत के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया था जिसके कुछ दिनों बाद ही इमारत की नींव में दरारें आ गई।
मरम्मत के बाद फिर से आईं नींव में दरारें :
स्थानीय लोगों ने एएनएम प्रशिक्षण संस्थान में घटिया सामग्री लगाने की शिकायत सीएम पोर्टल पर की थी जिसके बाद संबंधित विभाग ने नींव मे आई दरारों की मरम्मत कराई। मरम्मत के कुछ दिनों बाद ही फिर से नींव में दरारें आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि एएनएम प्रशिक्षण संस्थान की नींव में आई दरारें किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।
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एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र को लेकर विभाग ने फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी हुई है। अभी तक प्रशिक्षण केंद्र में स्टाफ की नियुक्ति को लेकर स्वीकृति नहीं मिल पाई है। स्वीकृति मिलते ही प्रशिक्षण केंद्र को शुरू किया जाएगा।’
संदीप मेहता, सिविल सर्जन, नूंह