प्रमोद कुमार मूलरूप से भरतपुर राजस्थान का रहने वाला था। वह रेलवे में ट्रैक मैन की नौकरी करता था। इसके परिवार में पत्नी रीना के अलावा चार बेटियां व एक बेटा है। प्रमोद की मौत के बाद इसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
बल्लभगढ़ के सदर थाना क्षेत्र स्थित नीमका जेल में बंद कैदी प्रमोद कुमार (38) ने बीती रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर दी। पलवल के असावटी गांव में चोर की पिटाई से मौत के आरोप में प्रमोद कुमार व छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों पर आरोप था कि इन्होंने चोर को पीट-पीटकर मार डाला है। बार-बार जमानत की अर्जी लगाने के बाद भी प्रमोद की जमानत नहीं हो रही थी।
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आशंका व्यक्त की जा रही है कि हताश होकर प्रमोद ने मौत को गले लगा लिया। वहीं परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जेल में प्रमोद को परेशान किया जा रहा था, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। मेडिकल बोर्ड से सोमवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
प्रमोद कुमार मूलरूप से भरतपुर राजस्थान का रहने वाला था। वह रेलवे में ट्रैक मैन की नौकरी करता था। इसके परिवार में पत्नी रीना के अलावा चार बेटियां व एक बेटा है। प्रमोद की मौत के बाद इसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।