फरीदाबाद की सड़कों पर सुरक्षा का बड़ा प्लान, सुधरेंगे ब्लैक स्पॉट 8 महीने में बदलेगी तस्वीर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की जर्जर सड़कों और बढ़ते सड़क हादसों को लेकर लगातार उठ रही शिकायतों के बीच नगर निगम ने सड़क सुरक्षा सुधार की बड़ी परियोजना शुरू की है। निगम ने करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों के नवीनीकरण और ब्लैक स्पॉट्स को दुरुस्त करने की योजना तैयार की है। इस पहल का मकसद सड़कों की हालत सुधारने के साथ दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों को वैज्ञानिक तरीके से खत्म करना है।
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में तेजी से बढ़े ट्रैफिक दबाव और खराब सड़क ढांचे के कारण हादसों का खतरा बढ़ा है। एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और विभिन्न सेक्टरों की आंतरिक सड़कों पर गड्ढे, उखड़ी परत और अव्यवस्थित ड्रेनेज लंबे समय से परेशानी बने हुए हैं। बरसात के दौरान यही स्थिति और गंभीर हो जाती है जब जलभराव के कारण सड़कें हादसों का कारण बनती हैं।
ब्लैक स्पॉट्स पर फोकस, जड़ों से होगा सुधार
यह परियोजना केवल सतही मरम्मत तक सीमित नहीं है बल्कि सड़क की बुनियादी संरचना को मजबूत करने पर जोर देती है। शहर के उन स्थानों को प्राथमिकता दी गई है जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं या जहां सड़क की डिजाइन में खामियां हैं। इसके तहत करीब 1950 घन मीटर ग्रेन्युलर सब-बेस डाला जाएगा, जिससे सड़कों की नींव मजबूत होगी और भारी वाहनों का दबाव सहने की क्षमता बढ़ेगी। इसके अलावा जर्जर कंक्रीट को हटाकर नए सिरे से सीसी कार्य किया जाएगा, जिससे सड़कें अधिक टिकाऊ बन सकें।
रेलिंग, रोड मार्किंग और विजिबिलिटी पर जोर
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुर्घटना संभावित मोड़ों और कट्स पर स्टेनलेस स्टील (ग्रेड-304) की रेलिंग लगाई जाएगी। रात के समय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेट्रो-रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग और साइनेज लगाए जाएंगे, जिससे कम रोशनी में भी वाहन चालकों को रास्ता स्पष्ट दिखे। इसके साथ ही करीब 4000 वर्ग मीटर क्षेत्र में टेक्सचर्ड पेंटिंग और फिनिशिंग का काम किया जाएगा जिससे सड़कों की विजिबिलिटी बेहतर होगी।
ड्रेनेज सुधार से जलभराव पर काबू
फरीदाबाद के कई इलाकों में हर बारिश के दौरान जलभराव बड़ी समस्या बन जाता है। इस परियोजना में ड्रेनेज सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि पानी सड़कों पर जमा न हो और दुर्घटनाओं का खतरा कम हो। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में जलभराव और खराब सड़क निर्माण एक-दूसरे से जुड़े मुद्दे हैं जिन्हें एक साथ सुधारना जरूरी है।
नई तकनीक और सख्त मानक लागू
परियोजना में आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है। एजेंसी के लिए कॉल बिफोर यू डिग एप का उपयोग अनिवार्य किया गया है ताकि खुदाई के दौरान भूमिगत बिजली और टेलीकॉम लाइनों को नुकसान न पहुंचे। साथ ही सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के तहत किए जाएंगे। अधिकारियों ने साफ किया है कि निर्माण में लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लोगों को राहत की उम्मीद
शहरवासियों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण रोजाना सफर करना जोखिम भरा हो गया है। ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में यह परियोजना उनके लिए राहत लेकर आ सकती है। यदि यह योजना तय समयसीमा में पूरी होती है तो न केवल सड़क हादसों में कमी आएगी बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी अधिक सुचारु हो सकेगी।
सड़क हादसों को रोकने के लिए निगम हर स्तर पर काम कर रहा है। जल्द ही इस परियोजना को भी पूरा कर लिया जाएगा।
धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त