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Faridabad News: 10 दिनों से डॉक्टर का इंतजार कर रही हूं...

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ईएसआईसी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए करना पड़ रहा है लंबा इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मैं पिछले 10 दिनों से भर्ती हूं। एंजियोग्राफी होनी है, लेकिन अब तक नंबर नहीं आया है। यहां सिर्फ नर्स ही देखभाल कर रही हैं। 10 दिनों से मैँ डॉक्टर का इंतजार कर रही हूं। नहीं पता कब आएंगे और इलाज होगा। तारीख पर तारीख दी जा रही है। ये बातें एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती मरीज प्रमीला देवी ने कहीं।
दिल्ली से रेफर होकर आईं प्रमीला देवी को एंजियोग्राफी (एक मेडिकल इमेजिंग टेस्ट है, जो एक्स-रे का उपयोग करके हृदय या शरीर के अन्य हिस्सों की रक्त वाहिकाओं में रुकावट या सिकुड़न की जांच करता है) करानी है। उन्होंने बताया कि मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज पिछले 10 दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन अभी तक उनका ऑपरेशन नहीं हो सका है।
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दूसरी ओर सुनील अपनी माता को स्टेंट (एक छोटी, धातु की जालीदार ट्यूब है, जिसका उपयोग शरीर की संकुचित या बंद रक्त वाहिकाओं को खोलने और उन्हें सहारा देने के लिए किया जाता है) लगाने के लिए लाए हैं। सुनील ने बताया कि उन्हें 26 अप्रैल बुलाया गया था, लेकिन 30 अप्रैल तक भी इलाज नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि वह शहर में अकेले रहते हैं। नौकरी से छूटते ही अस्पताल पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि ईएसआई का पैसा तो तय समय पर कट जाता है लेकिन इलाज समय पर नहीं मिलता है।

अस्पताल में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से रेफर होकर आने वाले मरीजों की संख्या भी काफी है। मरीजों के परिजनों ने कहा कि ऐसी लापरवाही से बीमारी बढ़ सकती है जिसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन सोच कर आते हैं लेकिन दस दिनों तक नंबर नहीं आता है। बीमारी बढ़ने के कारण अनहोनी का डर लगा रहता है। इसके अलावा उनपर रहने-खाने का खर्च बढ़ रहा है।


मैं पिछले 10 दिनों से अस्पताल में ही हूं। नौकरी पर नहीं जा पा रहा हूं, जिससे नौकरी जाने का डर बना हुआ है। हर बार यही कहा जाता है कि बेड खाली नहीं है।-विजय, परिजन

मैं न्यू टाउन की एक कंपनी में काम करता हूं। मुझे लगा था कि एक-दो दिन में मां का इलाज हो जाएगा। पिछले पांच दिनों से भटक रहा हूं लेकिन इलाज नहीं हुआ। -सुनील, परिजन
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अस्पताल में कई जटिल मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाता है। इसी लिए कभी-कभी मरीजों को तय तारीख ऑपरेशन नहीं हो पाते हैं। फिर भी सभी मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही व्यवस्था को सुचारु किया जाएगा।-डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय, डीन
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