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सहमति संबंध में रह रही महिला मित्र ने की थी युवक की हत्या

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फरीदाबाद। करीब दस दिन पहले 17 अक्तूबर को सेक्टर-75 में मिले अधजले शव का मामला क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 ने सुलझा लिया है। युवक को शुरू में नाइजीरियाई समझा जा रहा था। पुलिस जांच में युवक बल्लभगढ़ का निकला। युवक की हत्या उसकी महिला मित्र किरण ने की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। दोनों सहमति संबंध में रह रहे थे। मामले में विस्तृत पूछताछ के लिए आरोपी महिला को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
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बीपीटीपी थाना क्षेत्र में अधजली अवस्था में मिले शव को देखने पर वह नाइजीरियाई जैसा लग रह था। पुलिस ने शव की पहचान के लिए बीके अस्पताल में सरकारी अस्पताल भेज दिया। जांच में सामने सामने आया कि शव बल्लभगढ़ की भाटिया कॉलोनी निवासी पवन का है। मृतक पवन के भाई जितेंद्र ने 18 अक्तूबर को थाना शहर में शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसका छोटा भाई पवन एक कोरियर कंपनी में कार्य करता है। 16 अक्तूबर को पवन सुबह करीब छह बजे ड्यूटी के लिए अपने घर से निकला था। वह शाम को घर वापस नहीं आया। जितेंद्र को पवन की एक महिला के साथ दोस्ती के बारे में जानकारी थी। उसने महिला को फोन करके पूछा। उसने बताया कि वह उसके पास आया था। वह अपना लैपटॉप और गाड़ी छोड़कर शाम करीब चार बजे चला गया था। जितेंद्र ने अपने भाई पवन की कंपनी , दोस्तों व रिश्तेदारों में पूछताछ की।
जितेंद्र की शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश की गई। इधर थाना बीपीटीपी की टीम एक अधजले शव की पहचान में जुटी थी। पुलिस ने फरीदाबाद में रह रहे कई नाइजीरियाई युवकों से मृतक की शिनाख्त करवाई। सभी ने मृतक को पहचानने से इंकार कर दिया। क्राइम ब्रांच 65 और थाना सिटी बल्लभगढ़ की टीम ने मामले की जांच में पाया कि थाना बीपीटीपी इलाके में बरामद शव पवन का ही है। तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक पवन की महिला मित्र को काबू कर लिया। आरोपी महिला मूलरूप से पंजाब के पठानकोट की रहने वाली है।
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आरोपी का पति आईएमटी स्थित एक कंपनी में नौकरी करता था। 2018 में कैंसर के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी। 2019 में अपने पति की जगह आरोपी महिला की नौकरी लग गई। महिला की मुलाकात पवन से हुई। दोनों को प्यार हो गया और दोनों बल्लभगढ़ में सहमति संबंध में रहने लगे। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
पवन को नींद की आठ गोलियां खिलाकर कर दिया था अचेत
फरीदाबाद। बीपीटीपी में मिले पवन के अधजले शव के मामले में पुलिस ने मूलरूप से पंजाब के पठानकोट निवासी किरण को गिरफ्तार किया है। वह फिलहाल सेक्टर-57 में रह रही थी। आरोपी किरण ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा किया है। किरण ने पवन को मारने से पहले साजिश रची थी। घटना के दिन उसने पवन को नींद की आठ गोलियां खिला दी थीं। गोलियों के कारण पवन अचेत हो गया। इसके बाद किरण ने घर से एक कोल्डड्रिंक की बोतल में रखा पेट्रोल अपने बैग में डाल लिया। किरण ने पवन को अपनी गाड़ी में बिठाया और अपने एक पड़ोसी को मदद के लिए बुलाया। किरण ने पड़ोसी से कहा कि उसके पति की तबियत ख़राब हो गई है। उसे अस्पताल लेकर जाना है। इसके बाद किरण ने गाड़ी गुरुग्राम की तरफ मोड़ दी। पड़ोसी के पूछने पर किरण ने कहा कि उसके पति का मेडिक्लेम कार्ड गुरुग्राम के अस्पताल में चलता है। गुरुग्राम पहुंचकर किरण ने कहा कि उसके पति को होश आ रहा है। वह ठीक हो रहे हैं। उन्हें दिल्ली ले चलते हैं। इसके बाद उसने गाड़ी दिल्ली के लिए मोड़ दी। दिल्ली जाने के बाद किरण ने पड़ोसी से पीछा छुड़ाने के लिए कहा कि वह अपने एक जानकर के घर रुकेगी। आप गाड़ी ले जाओ। हम बाद में आ जाएंगे। पड़ोसी के जाने के बाद किरण ने फरीदाबाद के लिए ऑटो बुक किया। उसने ऑटो चालक को भी पति की तबियत ख़राब होने की बात कही।
जहां घूमने जाते थे वहीं दिया वारदात को अंजाम
किरण ऑटो चालक को लेकर रात करीब साढ़े बारह बजे बीपीटीपी पुल के पास बनी निर्माणाधीन सोसाइटी के पास पहुंच गई। वह इस इलाके को अच्छे से पहचानती थी। वह और पवन अक्सर यहां घूमने जाया करते थे। एक सोसाइटी के पास वह पवन को लेकर ऑटो से उतर गई और ऑटो चालक को वापिस भेज दिया। किरण पवन को एक निर्माणधीन सोसाइटी के गार्ड रम में ले गई और उसे बात करने की कोशिश की। पवन को हल्का सा होश था। कुछ देर बाद किरण ने अपने बैग में रखे पेट्रोल की बोतल निकल कर मृतक के ऊपर उड़ेल दी और उसे जिंदा ही जला दिया। घटना को अंजाम देने के बाद म
हिला पैदल ही अपने घर निकल गई।
बेटी पर रखता था गंदी नजर, इसलिए मार डाला
पूछताछ में किरण ने बताया कि आरोपी पवन उसके साथ करीब दो साल से संबंध में था। वह अक्सर उसके घर आता और रुकता था। आरोपी किरण की दो बेटियां हैं, जिसमें एक एक की उम्र तेरह वर्ष ,जबकि दूसरी की आठ वर्ष है। किरण के मुताबिक पवन उसकी 13 वर्षीय बेटी पर गलत नजर रखता था। वह अक्सर उसके साथ छेड़छाड़ भी करता था। किरण ने इसका विरोध किया तो उनके बीच झगड़ा भी हुआ। किरण को डर था कि किसी दिन उसके पीछे से बेटी के साथ कोई गलत हरकत हो सकती है। घटना के दिन उसने पवन को बातों में उलझाया और नींद की गोलियां खाने के लिए दी। इसके बाद उसने उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि मृतक पवन की भी दो बेटियां हैं। वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और एक कोरियर कंपनी के लिए भी काम करता था। सेक्टर-65 क्राइम ब्रांच टीम को पुलिस आयुक्त द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
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