फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के निजी अस्पताल में 29 सप्ताह की गर्भावस्था में जन्मी महज 980 ग्राम वजन की बच्ची ने करीब डेढ़ महीने तक एनआईसीयू में उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर वापसी की। समय से पहले जन्म के कारण बच्ची को जन्म के तुरंत बाद सांस लेने में परेशानी हुई। चिकित्सकों ने उसे लगातार विशेषज्ञ निगरानी में रखा।
अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. तौसीफ ने बताया कि जन्म के बाद बच्ची को करीब 10 दिन तक वेंटिलेटर सपोर्ट और इसके बाद लगभग 10 दिन तक सीपीएपी सपोर्ट दिया गया। इस दौरान उसकी सांस, ऑक्सीजन स्तर, वजन और अन्य स्वास्थ्य मानकों की लगातार निगरानी की गई। उपचार के दौरान धीरे-धीरे बच्ची की स्थिति में सुधार हुआ और वह बिना अतिरिक्त श्वसन सहायता के सांस लेने में सक्षम हो गई। वजन बढ़ने और स्वास्थ्य स्थिति स्थिर होने के बाद उसे एनआईसीयू से छुट्टी दे दी गई। वरिष्ठ स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. सबिता कुमारी ने बताया कि 29 सप्ताह में जन्म लेने वाले नवजात को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, समय पर अल्ट्रासाउंड और चिकित्सकीय सलाह का पालन जरूरी है। डॉ. तौसीफ ने बताया कि समय से पहले और कम वजन वाले नवजातों में संक्रमण, सांस लेने में परेशानी और शरीर का तापमान नियंत्रित रखने जैसी चुनौतियां रहती हैं। संवाद