फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: वाल्मीकि अनंत मंदिर में 14 मिनट का ब्लैकआउट कर दी रावण को श्रद्धांजलि

विज्ञापन
विज्ञापन
भारती दुबे
विज्ञापन

फरीदाबाद। दशहरे पर मंगलवार को शहर में जगह-जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। वहीं, एनआईटी-5 स्थित सृष्टिकर्ता भगवान वाल्मीकि अनंत मंदिर में इस परंपरा से अलग नजारा नजर आया। यहां शाम 7 बजकर 4 मिनट पर मंदिर और समाज से जुड़े लोगों ने अपने घरों की लाइटें बंद कर दीं। 14 मिनट तक ब्लैकआउट रखकर रावण को श्रद्धांजलि दी गई। शाम 7 बजकर 18 मिनट पर दोबारा लाइटें जलाई गईं।
यहां रावण को राक्षस नहीं, बल्कि महात्मा और रक्षक मानने वाले श्रद्धालुओं ने उनकी पूजा-अर्चना की। मंदिर से जुड़े लोगों का मानना है कि रावण के व्यक्तित्व को इतिहास में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। वे उन्हें परम विद्वान और महात्मा मानते हैं। उनका कहना है कि रावण के पुतले जलाने की परंपरा से वे सहमत नहीं हैं और जिस समय शहर में पुतलों का दहन होता है, उस समय वे ब्लैकआउट कर श्रद्धांजलि देते हैं।
विज्ञापन



बीके-केसी रोड के पास स्थित आदि वाल्मीकि मंदिर में रावण की मूर्ति स्थापित है। यहां रावण के साथ महर्षि वाल्मीकि, एकलव्य, संत रविदास और कबीरदास की मूर्तियां भी हैं। मंदिर में सुबह और शाम पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान मंदिर कमेटी के प्रधान राजेंद्र चंडाल, महासचिव विनोद चौहान, नीरू केकसी समेत काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन


मंदिर कमेटी के प्रधान राजेंद्र चंडाल के अनुसार, फरीदाबाद में रावण को महात्मा मानने वाले करीब 100 से 150 परिवार रहते हैं। इनमें अधिकांश गांधी कॉलोनी, एनआईटी-4 की आदर्श कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी और एसी नगर में रहते हैं। समाज के लोग रावण को राक्षस के बजाय रक्षक के रूप में देखते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें