आरोप : दुर्घटना बताकर किया महिला का अंतिम संस्कार
- परिजनों ने दर्ज करवाई दहेज हत्या की रिपोर्ट, आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी, सीपी से मिले परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। गांव करनेरा में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में 19 जून को मौत हो गई। आरोप है कि दुर्घटना बताकर महिला का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। महिला के ससुराल पक्ष का कहना था कि मौत सड़क दुर्घटना में हुई है, मगर जब मायके वालों ने थाने में दुर्घटना करने वाले ट्रक के बारे में जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि वहां ऐसा कोई मामला ही नहीं है। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने महिला के पति, जेठ व देवर के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया।
मृतका के पिता का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में आनाकानी कर रही है। इसको लेकर उन्होंने पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो से मुलाकात कर मामले को क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित करने की मांग की। फिलहाल पुलिस आयुक्त ने डीसीपी एनआईटी निकिता गहलौत को मामले की जांच सौंप दी है।
क्या है मामला
गांव जवां निवासी दयानंद ने बताया कि उनकी बेटी ज्योति की शादी 13 जुलाई 2013 को गांव करनेरा निवासी अशोक से हुई थी। दयानंद ने बताया कि गत 19 जून को उन्हें सूचना मिली कि ज्योति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। जब वे लोग ज्योति के ससुराल पहुंचे ससुराल पक्ष के लोगों ने उन्हें बताया कि ट्रक की टक्कर में ज्योति की मौत हो गई थी। पुलिस केस के बारे में पूछने पर ज्योति पति अशोक ने बताया कि पुलिस केस करवा दिया है और पोस्टमार्टम की कार्रवाई भी हो गई है। इस पर उनकी बातों से संतुष्ट होकर उन्होंने ज्योति का अंतिम संस्कार करवा दिया। अगले दिने वे लोग दुर्घटना करने वाले ट्रक के बारे में पूछताछ करने के लिए सेक्टर-55 थाने पहुंचे तो पता चला कि वहां ऐसा कोई मामला ही नहीं है। इस पर उन्होंने ज्योति के पति अशोक, जेठ जीते व देवर सतपाल पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया।
केस क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित करने की मांग
दयानंद ने बताया कि मामला दर्ज होने के करीब 15 दिन बात भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। यही नहीं, पुलिस और आरोपी पक्ष की तरफ से उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने मामले को थाने से क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित करने की मांग की। पुलिस आयुक्त ने उनकी बात सुनने के बाद मामले को जांच के लिए डीसीपी एनआईटी नितिका गहलौत के पास भेज दिया है। बुधवार को उन्होंने डीसीपी से मुलाकात कर सारी बात बताई। डीसीपी ने पीड़ित पक्ष को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।