एनएसयूआई ने एमडीयू के आदेश को बताया तुगलकी फरमान
विरोध में सौंपा ज्ञापन, बोले-50 फीसदी विषयों में पास होने की अनिवार्यता लागू नहीं होने देंगे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री ने एमडीयू के आदेश का विरोध जताते हुए जवाहरलाल नेहरू कालेज की प्राचार्या प्रीता कौशिक को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए एमडीयू प्रशासन को वह आदेश तत्काल वापस लेना चाहिए, जिसमें तीसरे सेमेस्टर में दाखिला लेने से पहले 50 प्रतिशत विषयों में पास होना अनिवार्य बताया गया है।
अत्री ने बताया कि एमडीयू का फिर एक बार तुगलकी फरमान आया है। इसके तहत तीसरे सेमेस्टर में दाखिला लेने के लिए पहले सेमेस्टर के 50 प्रतिशत विषय मे पास होना अनिवार्य है। इसी प्रकार पांचवें सेमेस्टर में दाखिला लेने के लिए उससे पहले सेमेस्टर के शत प्रतिशत विषय मे पास होना अनिवार्य है। छात्र नेता का कहना है कि दाखिले के समय विद्यार्थियों को इस तरह के किसी नियम के बारे में नही बताया गया था। अब बीच मे इस तरह का नियम लागू करके अनावश्यक रूप से विद्यार्थियों को परेशान किया जा रहा है ।
अत्री ने कहा कि पिछले तीन सत्रों में भी इसी प्रकार का नियम विश्वविद्यालय ने लागू किया था, मगर एनएसयूआई के पुरजोर विरोध पर इसे वापस कर लिया गया था। इस नियम के खिलाफ पिछले सत्र में करीब 300 विद्यार्थियों ने गिरफ्तारी भी दी थीं।
उन्होंने कहा कि जब जब खट्टर सरकार ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया हैए एनएसयूआई फरीदाबाद ने सबसे पहले छात्रों की आवाज को बुलंद किया है । समय समय पर छात्रहितों की लड़ाई लड़कर छात्रों को उनका हक दिलाया है ।इस मौके पर मुख्य रूप से प्रोफेसर शलेश्वर कौशिक, दिनेश कटारिया, राहुल गुर्जर, बलराम नागर, अभिषेक शर्मा, हंसराज, सोनू आदि मौजूद रहे।
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