गड्ढों से मुक्ति और रफ्तार की तैयारी, फरीदाबाद की सड़कों का कायाकल्प करने को एफएमडीए ने कसी कमर
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। हरियाणा की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले फरीदाबाद के लिए विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। लंबे समय से जर्जर सड़कों, जानलेवा गड्ढों और धूल के गुबार से जूझ रहे फरीदाबाद वासियों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने जिले के सड़क तंत्र को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए 80 करोड़ रुपये का एक व्यापक रोड मैप तैयार किया है। यह केवल पैचवर्क या खानापूर्ति नहीं, बल्कि शहर की लाइफलाइन को नई ऊर्जा देने की एक बड़ी कोशिश है।
इस योजना का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 66 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स अगले 15 से 20 दिनों के भीतर प्रशासनिक मंजूरी हासिल कर लेंगे। प्राधिकरण का लक्ष्य स्पष्ट है बरसात की पहली बूंद गिरने से पहले शहर की मुख्य सड़कों को मजबूत कर लिया जाए। अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया को तेज गति से पूरा किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो। इसमें सड़कों के पुनर्निर्माण के साथ-साथ उन ब्लैक स्पॉट्स को भी ठीक किया जाएगा जहां जलभराव के कारण सड़कें हर साल जवाब दे जाती हैं।
जीआईएस मैपिंग से भ्रष्टाचार और डुप्लीकेसी पर डिजिटल स्ट्राइक
इस बार फरीदाबाद का सड़क विकास केवल डामर और रोड़ी तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें तकनीक को भी शामिल किया जा रहा है। अक्सर देखा जाता था कि एक विभाग सड़क बनाता था और दूसरा विभाग उसे खोद देता था या फिर कागजों पर एक ही सड़क की मरम्मत दो बार दिखाकर सरकारी बजट को ठिकाने लगा दिया जाता था। इस सिस्टम की सेंधमारी को रोकने के लिए एफएमडीए ने जीआईएस आधारित मैपिंग शुरू की है। अब हर सड़क का डिजिटल रिकॉर्ड होगा। किस सड़क पर किस विभाग नगर निगम, एचएसवीपी या एफएमडीए ने कब काम किया इसकी एक-एक डिटेल पोर्टल पर होगी। इससे डुप्लीकेसी रुकने के साथ जनता के टैक्स के एक-एक पैसे का हिसाब पारदर्शी रहेगा।
इंडस्ट्रियल हब को मिलेगा ऑक्सीजन, घटेगी लॉजिस्टिक्स लागत
फरीदाबाद की अर्थव्यवस्था की रीढ़ यहां के उद्योग हैं। लेकिन सेक्टर-24, 25 और ओल्ड फरीदाबाद जैसे औद्योगिक इलाकों की खस्ताहाल सड़कों ने उद्यमियों की कमर तोड़ रखी थी। टूटी सड़कों के कारण ट्रकों की आवाजाही में देरी और वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ रहा था। 80 करोड़ की इस योजना में औद्योगिक बेल्ट को प्राथमिकता दी गई है। बेहतर सड़कों से माल की आवाजाही को सुगम बनाएंगी बल्कि नए निवेश को भी आकर्षित करेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है, तो स्थानीय व्यापार में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
सड़क बनाने के साथ अन्य पहलुओं पर भी होगा काम
- लेवलिंग और साइनेज: सड़कों को समतल करना और संकेतकों को दुरुस्त करना।
- साइड शोल्डर: सड़कों के किनारों को मजबूत करना ताकि वाहन अनियंत्रित न हों।
- ड्रेनेज सुधार: जलभराव वाले पॉइंट्स पर ड्रेनेज सिस्टम को सड़क के साथ इंटीग्रेट करना।
रिहायशी सेक्टरों और गांवों का कनेक्टिविटी प्लान
योजना का सीधा असर शहर के आंतरिक सेक्टरों और गांवों से जुड़े संपर्क मार्गों पर पड़ेगा। सेक्टरों के भीतर की वे सड़कें जो पिछले कई सालों से अनदेखी का शिकार थीं उन्हें नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा। एफएमडीओ का दावा है कि वे भविष्य की आबादी के दबाव को ध्यान में रखकर सड़कों की चौड़ाई और सामग्री का चयन कर रहे हैं ताकि ये सड़कें अगले कई सालों तक टिकाऊ बनी रहें।
जनता की निगरानी में होगा विकास
गुणवत्ता को लेकर उठने वाले सवालों पर एफएमडीए इस बार सख्त रुख अपना रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्यों की रैंडम टेक्निकल जांच की जाएगी। इसके अलावा, ग्राउंड जीरो पर काम की पारदर्शिता के लिए स्थानीय नागरिकों से फीडबैक और निगरानी का आह्वान भी किया गया है।
लोगों की सुविधा के लिए एफएमडीए हर स्तर पर काम कर रहा है। जल्द ही बड़े स्तर पर सड़कों को ठीक करने का काम किया जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए