बल्लभगढ़। पलवल में वीरांगना झलकारी बाई जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में सोमवार को जिला रोडवेज से भेजी गई अधिकतर बसें खाली गईं। आलम यह रहा कि 70 बसों में फरीदाबाद से मात्र 700 लोग ही समारोह में गए। समारोह के लिए चालक व परिचालक की ड्यूटी बसों के साथ सभी विधानसभा के मुख्य स्थानों पर रात्रि में ही लगा दी गई। इन बसों से प्रतिदिन करीब 8 से 9 लाख रुपये का राजस्व इकट्ठा होता था। बसों के न चलने से रोडवेज को इसका नुकसान उठाना पड़ा।
पलवल के सेक्टर-2 में झांसी की रानी की सेनापति झलकारी बाई जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम को राज्य स्तरीय आयोजन किया गया। आयोजन में स्वयं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मौजूद रहे। समारोह में ज्यादा से ज्यादा लोग शिरकत करें। फरीदाबाद से भी बड़ी संख्या में भीड़ जुटाने के लिए सरकार के आदेश पर रोडवेज विभाग की ओर से जिले की 70 बसों को लगाया गया। इन सभी बसों को छह विधानसभा के मुख्य जगहों से समारोह में शामिल होने वाले लोगों को बैठकर पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई। डिपो की ओर से 70 बसों का संचालन किया। समारोह के लिए लोगों ने अपनी रुचि नहीं दिखाई। जिले से सिर्फ 700 लोग ही पलवल गए।
समारोह के लिए इन रूटों को किया बंद
समारोह में बसों का संचालन करने के लिए सोमवार को कई रूटों को बंद किया गया। सोमवार को सोहना रूट पर जाने वाली चार बसों, गुरुग्राम रूट की तीन बसें, चंडीगढ़ की दो बसें, अलीगढ़ रूट की 7 बसें, आगरा रूट की 4 बसें, कॉलेज व लोकल रूट पर जाने वाले सभी बसों को शाम चार बजे तक बंद रखा गया। इसके अलावा नूंह जिले से समारोह में लोगों को लाने के लिए डिपो से 10 बसों को भेजा गया।
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अन्य जिलों से आई खाली बसें
समारोह में लोगों की भीड़ को इकट्ठा करने के लिए फरीदाबाद डिपो के अलावा अन्य आसपास के जिलों के डिपो की बसों से लोगों को समारोह तक पहुंचने के लिए ड्यूटी को लगाया गया। सोनीपत डिपो से 20 बसों का संचालन समारोह के लिए किया गया। इसमें सिर्फ 50 लोग ही सफर करके आए। वहीं, पलवल, गुरुग्राम, दिल्ली, रोहतक, हिसार के डिपो से समारोह के लिए बसों को चलाया गया। इन सभी बसों में भी सिर्फ पांच से छह लोग सफर करके समारोह तक पहुंचे।
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यात्री रहे परेशान, समय पर नहीं मिली बस
सोहना को जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा समारोह की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा। सोहना के लिए वाया पाली धौज और वाया सिरमथला होकर बसों का संचालन किया जाता है। दोनों रूटों पर संचालन हर आधे घंटे के अंतराल पर किया जाता है। सोमवार को सोहना रूट की बस एक से डेढ़ घंटे के अंतराल पर भेजी गई। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी हुई। सोहना निवासी पूजा ने बताया कि वह पिछले आधे घंटे से डिपो में सिरमथला जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। बस नहीं आने की वजह से वह ऑटो से सफर करके गई।
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सरपंचों ने लिखकर किया समारोह में जाने से मना
चालक व परिचालक को जिले के कई सरपंचों ने पेपर पर लिखकर समारोह में जाने से मना कर दिया। गांव सोहना की सरपंच ने परिचालक को लिखकर दिया कि उनके गांव की दो बेटियों की लगन सगाई होने की वजह से गांव से कोई भी समारोह में नहीं जाएगा। गांव सदपुरा के सरपंच ने बस को खाली वापस भेजा। वहीं, सूरजकुंड स्थित दयालबाग से बैठी महिलाओं को मेला दिखाने के बहाने से बस में बैठाया। महिलाएं समारोह का नाम सुनते ही बस से आधे रास्ते में ही उतर गई।
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सरकार के आदेश पर चलाई बसें, यात्री रहे परेशान
सरकार के आदेश पर समारोह के लिए करीब 70 बसों को चलाया गया था। बसों में सवारियां की संख्या काफी कम थी। समारोह की वजह से कई रूटों की बसों को बंद किया गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़। इससे डिपो के राजस्व को काफी नुकसान को हुआ है।
- नवनीत बजाज, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज डिपो