विकास शुल्क कम या ज्यादा, सर्कल रेट पर करेगा निर्भर
फरीदाबाद। राज्य सरकार ने वैध की गई कॉलोनियों में विकास शुल्क पांच सौ रुपये प्रति वर्गमीटर या उससे अधिक होगा यह 10 अक्तूबर को सर्कल रेट घोषित होने के बाद तय होगा। फिलहाल, शहर में वैध घोषित की गईं 9 कॉलोनियों के 2365 संपत्ति धारकों को कम से कम 500 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से विकास शुल्क देना तय है।
राज्य सरकार ने जून 2018 में प्रदेश में अवैध कॉलोनियों को रेगुलराईज करने की घोषणा की थी। तब शर्त रखी गई थी कि इन कॉलोनियों/बस्तियों को विकास शुल्क चुकाना होगा। औद्योगिक नगरी में सरकार के आदेश पर भारत कॉलोनी एक्सटेंशन-2, दिपावली एनक्लेव एक्सटेंशन, नंबरदार कॉलोनी एक्सटेंशन, सूर्या विहार एक्सटेंशन, डबुआ कॉलोनी एक्सटेंशन, जेलदार कॉलोनी, महावीर कॉलोनी ऊंचागांव, सुभाषनगर बल्लभगढ़ और गाजीपुर एक्सटेंशन को नियमित किया गया था। इन कॉलोनियों में सड़क, पानी, सीवरलाइन, रात्रि मार्ग प्रकाश, स्वच्छता जैसी आधारभूत सुविधाएं नगर निगम को उपलब्ध करानी हैं। सरकार के आदेश पर निगम प्रशासन ने इन कॉलोनियों का सर्वे कराया था। इन नौ कॉलोनियों में कुल 2365 स्थायी/अस्थायी निर्माण पाए गए थे। नगर निगम की ओर से इन कॉलोनी वासियों को डेेवलपमेंट शुल्क जमा करवाने का नोटिस भेजा गया था। निगम रिकॉर्ड के अनुसार कॉलोनियों की स्थिति के आधार पर न्यूनतम 750 रुपये और अधिकतम 1250 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से डेवलपमेंट शुल्क की मांग की गई थी। सरकार ने अब यह शुल्क न्यूनतम 500 रुपये प्रति वर्ग मीटर या सर्कल रेट का 5 फीसदी जो भी अधिक हो वसूला जाएगा। जिले में अचल संपत्ति का सर्कल रेट 10 अक्तूबर को घोषित किया जाएगा। सर्कल रेट पर इन कॉलोनियों में डेवलपमेंट चार्ज तय होंगे, यदि न्यूनतम चार्ज लागू हुए तो इन कॉलोनीवासियों को राहत मिलेगी। वरिष्ठ नगर योजनाकार बीएस ढिल्लो ने बताया कि उन्हें अभी सरकार के आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। सरकारी आदेश के अनुसार डेवलपमेंट चार्ज वसूल किए जाएंगे।