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नाइजीरियन युवक व महिला के शवों में शुरू हुई सड़न

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नाइजीरियाई युवक और महिला के शवों में सड़न शुरू
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- 20 दिन से महिला और 13 दिन से चार्ल्स का शव रखा है शवगृह में
- नाइजीरियाई दूतावास से नहीं मिल रहा कोई जवाब, प्रशासन परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल के शवगृह में रखे दो नाइजीरियाई नागरिकों के शवों सड़न शुरू हो गई है। ऐसे में इनसे अब बदबू आने लगी है। इन दोनों के शवों के बारे में पुलिस व प्रशासन नाइजीरियाई दूतावास को सूचित कर इनके अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी है। मगर अभी तक न तो इनके परिजन यहां पहुंचे हैं और न ही दूतावास की तरफ से जिला प्रशासन के पास कोई जवाब आया है। वहीं बीके अस्पताल प्रबंधन ने जिला उपायुक्त व पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर दोनों शवों को सुरक्षित रखने के लिए इन पर केमिकल का लेप करवाने को लिखा है। यह व्यवस्था बीके अस्पताल में नहीं है।
गत 29 जून की रात देहरादून एक्सप्रेस में निजामुद्दीन से मुंबई जा रही नाइजीरियाई महिला जॉन इक्बीनोसन लोगोस अचानक बेहोश हो गई थीं। उसे ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) लगातार नाइजीरियाई दूतावास से संपर्क कर रही है, मगर कोई जवाब नहीं मिला। जीआरपी थाना प्रभारी ओमप्रकाश और आरपीएफ इंस्पेक्टर आरके लांबा दिल्ली स्थित नाइजीरियन दूतावास से महिला के शव की अंत्येष्टि की अनुमति मांगी थी, मगर उन्हें वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जीआरपी महिला के शव का पोस्टमार्टम करा चुकी है, मगर शव को लेकर पुलिस के पास कोई निर्देश नहीं हैं।
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इसी तरह 5 जून की रात ड्रग्स तस्कर माइकल चार्ल्स को पुलिस द्वारा काबू करने की कोशिश में उसकी ही पिस्तौल से गोली लगने से मौत हो गई थी। सूरजकुंड थाना प्रभारी विशाल कुमार ने बताया कि कई बार नाइजीरियाई दूतावास को शव ले जाने या अंत्येष्टि की अनुमति देने का आग्रह कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिले हैं। यहां तक की इन दोनों के शवों को इनके परिजनों तक पहुंचाने या फिर जिला प्रशासन को इनका अंतिम संस्कार करने की अनुमति देने के लिए दूतावास को पत्र लिख चुके हैं, मगर वहां से कई जवाब नहीं आया है।

बीके में नहीं हैं शवों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था
बीके सिविल अस्पताल के शवगृह में लंबे समय तक शवों को सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। सिविल अस्पताल के शवगृह में लगे फ्रिजर का तापमान चार से छह डिग्री है, जबकि शवों को रखने के लिए जीरो डिग्री से नीचे तापमान की जरूरत होती है। शवों को सुरक्षित रखने के लिए केमिकल लेप करवाने की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
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कोट
हमारे पास पुलिस आयुक्त की ओर से शवों को रखने के लिए पत्र आया था, जिस पर हमने उन्हें और जिला उपायुक्त को भी लिख दिया है कि यदि शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है तो उसको केमिकल लेप करवाना होगा। नाइजीरियाई नागरिकों के शवों से बदबू आनी शुरू हो गई है।- डा. वीरेंद्र यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, बीके सिविल अस्पताल
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