एसआरएस मामला : ईडी ने भी शुरू की एसआरएस ग्रुप की जांच
फरीदाबाद। लोगों के करोड़ों रुपये का गबन करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एसआरएस ग्रुप के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। ईडी के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय से जिला पुलिस से संपर्क कर उनसे मामले से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। पुलिस ने एसआरएस पीड़ित मंच को भी ईडी से संपर्क करने के लिए कहा है। वहीं, धोखाधड़ी के मामले में होडल पुलिस रिमांड के दौरान शुक्रवार को अनिल जिंदल को एसआरएस टावर लेकर पहुंची। पुलिस ने यहां से कुछ दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
एसआरएस पीड़ित मंच के सतर्कता जनकराज गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2012 में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल, निदेशक प्रतीक जिंदल, विनोद गर्ग (मामा), बिशन बंसल, नानक तायल, पीके कपूर और जेके गर्ग सहित अन्य अधिकारियों ने लोगों से संपर्क कर अपने नए प्रोजेक्ट में रुपये निवेश करने (प्री लांच) का झांसा देकर लोगों के करोड़ों रुपये हड़प लिए थे। इस दौरान लोगों को 1 से 1.5 प्रतिशत के हिसाब से उनके रुपयों का ब्याज भी दिया गया। गुप्ता के अनुसार, 2015 के बाद एसआरएस ग्रुप डिफाल्टर हो गया और लोगों के रुपये लौटाने में आनाकानी करने लगा। इसको लेकर लोगों ने पुलिस से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत की थी। इन शिकायत पर पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो ने संज्ञान लेते हुए पिछले माह एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल सहित निदेशकों के खिलाफ एक ही दिन में 20 मुकदमे दर्ज करवाए। इसी माह उनकी गिरफ्तारी भी हुई और आरोपी कई दिन तक पुलिस रिमांड पर रहे।
एसआरएस पीड़ित मंच ने ईडी व आयकर विभाग को भी इस गड़बड़ी की शिकायत कर रखी थी। उनकी शिकायत पर आयकर विभाग ने तो पहले ही जांच शुरू कर दी है। मगर पिछले दिनों रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के पास पहुंची एक शिकायत को आरबीआई ने ईडी के पास भेज दिया था, जिस पर ईडी ने भी जांच शुरू कर दी है। ईडी के अधिकारियों ने आर्थिक अपराध जांच शाखा से भी इस संबंध में जांच व छापे की कार्रवाई के दौरान एसआरएस ग्रुप से जुटाए गए दस्तावेज मांगे हैं।
पीयूष ग्रुप के खिलाफ एक और मामला दर्ज
एसआरएस ग्रुप के बाद अब पुलिस ने पीयूष ग्रुप पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। थाना भूपानी पुलिस ने गांव ताजूपुर निवासी जनरैल सिंह की शिकायत पर पीयूष ग्रुप के निदेशक अनिल गोयल, अमित गोयल, पुनित गोयल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इससे पहले पीयूष ग्रुप के निदेशकों के खिलाफ सेक्टर-सात थाने में भी तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में अदालत से आरोपियों की जमानत भी रद्द हो चुकी है। इसके बाद अब पुलिस ने भी इनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।