चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख ठगे
फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर कोर्ट पहुंचा पीड़ित तो हुआ खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बिहार के जिला मोतिहारी अदालत में चपरासी की नौकरी लगवाने के नाम पर पर्वतीय काॅलोनी निवासी चंचल कुमार से छह लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने पीड़ित को नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र भी दिया। इसे लेकर पीड़ित करीब अदालत में नौकरी करने गया। कई दिनों तक जब पीड़ित को किसी ने काम के लिए नहीं कहा तो उसने अपनी नौकरी से संबंधित काम के बारे में पूछा, तब मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज जांच कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित चंचल कुमार ने बताया कि वह संजय कॉलोनी में कॉस्मेटिक की दुकान चलाता है। कुछ महीने पहले संजय काॅलोनी निवासी प्रदीप और सेक्टर-55 निवासी रवि उसके पास आए और बताया मोतिहारी में अदालत में चपरासी की नौकरी निकली हुई है। वहां उनकी काफी जान-पहचान है। उसकी सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। इसके लिए छह लाख रुपये होंगे।
चंचल ने नौकरी के लिए हां कर दी और आरोपियों के खातों में छह लाख रुपये भेज दिए। कुछ दिनों बाद आरोपियों ने उसे एक नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र दे दिया। दस्तावेज पर मोतिहारी अदालत की मुहर लगी हुई थी। चंचल को भरोसा हो गया कि उसकी सरकारी नौकरी लग गई है। वह नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र लेकर मोतिहारी पहुंच गया और रोजाना ड्यूटी करने अदालत भी जाता रहा।
दावा है कि अदालत परिसर में एक व्यक्ति रोजाना उसकी रजिस्टर में हाजिरी भी लगवाता था। हाजिरी लगाने के बाद वह पूरे दिन अदालत के बाहर बैठा रहता था। कई दिनों तक किसी ने उसे अदालत ने संबंधित कोई काम नहीं दिया। शक होने पर अदालत में ड्यूटी कर रहे एक अधिकारी को नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र दिखाया। जांच के बाद अधिकारी ने बताया दोनों कागजात फर्जी हैं।