20 रुपये में धक्का लगवाइये और 300 में गाड़ी निकलवाइये
- जलभराव के बीच बंद हुए वाहनों के लिए स्थानीय बच्चों और लोगों ने निकाला समाधान
संजय शिशौदिया
फरीदाबाद। झमाझम बरसात से हुए जलभराव में वाहन चालकों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी लेकिन कुछ युवकों और बच्चों ने गाड़ियों को पानी में से निकालने के लिए कुछ धनराशि लेकर मदद का हाथ बढ़ाया। दरअसल, ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में इस कदर जलभराव था कि यहां बाइक, कार, एसयूवी और बस तक बीच पानी में ही बंद हो गईं। इन वाहनों को निकालने के लिए एक युवक यहां अपना ट्रैक्टर ले आया। उसने एक वाहन को निकालने के लिए 300 रुपये का रेट भी तय कर दिया। उसने कई गाड़ियां ऐसे ही धनराशि लेकर पानी में से निकालीं।
इसके बाद चालक अपना ट्रैक्टर लेकर वहीं खड़ा हो गया। जरा ही देर में एक बस आई और अंडरपास के बीच में ही बंद हो गई। ट्रैक्टर चालक ने इस बस को भी 300 रुपये लेकर बाहर निकाला। थोड़ी देर बाद एक स्कूल बस बीच पानी में बंद हो गई। ग्रेटर फरीदाबाद स्थित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल की इस बस में आर्यन नामक एक छोटा बच्चा भी फंस गया था। ट्रैक्टर चालक ने इस बस को भी निकाला।
अंडरपास में फंसे वाहनों को निकालने के लिए आसपास के कुछ बच्चे भी वहां आ गए। 20-20 रुपये लेकर यह बच्चे जलभराव में फंसे वाहनों को धक्का लगाकर बाहर निकलवाने लगे। पानी भर जाने से बंद हुए वाहनों को बाहर निकाले गए वाहनों की लंबी कतार लगी तो कुछ मिस्त्री भी अपने औजार लेकर यहां पहुंच गए। इसके बाद शुरू हुआ बंद वाहनों को स्टार्ट करने का काम। कार के बोनट और दुपहियों के कार्बोरेटर सड़क किनारे ही दुरुस्त किए जाने लगे। मुंहमांगी रकम के बदले वाहन स्टार्ट किए गए। दोपहर तक इस अंडरपास के बाहर मिस्त्रियों की भीड़ लगी रही।